
VB-G RAM G Bill Protest Priyanka Gandhi
“विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 (VB-G RAM G) गुरुवार को भारी हंगामे, विपक्ष के तीखे विरोध के बावजूद सांसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पारित हो गया। इसके खिलाफ टीएमसी सांसदों ने बीती पूरी रात संसद परिसर में धरना दिया। धरने का क्रम आज शुक्रवार को भी जारी रहा, विपक्षी सांसदों ने आज एकजुटता दिखाते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर बिल का विरोध जताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा, MGNREGA) का नाम बदलकर अब “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025” (VB-G RAM G) कर दिया है, सरकार ने इसमें कई सारे बदलाव भी किये है, सरकार ने इसमें रोजगार देने की अवधि बढ़ाई है एय 100 दिन की जगह 125 होगी वहीं राज्य सरकारों का फंड बढ़ाया है, पहले केंद्र और राज्य सरकार के फंड का अनुपात 90/10 था अब ये अनुपात 60/40 होगा, विपक्ष पूरे बिल का विरोध कर रहा है और योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाये जाने से आक्रोशित है।
TMC सांसदों ने पूरी रात संसद भवन परिसर में दिया धरना
टीएमसी सांसदों ने बिल एक विरोध में जहाँ गुरुवार की पूरी रात संसद भवन परिसर में धरना दिया वहीं आज शुक्रवार सुबह विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया और सरकार एवं बिल के खिलाफ नारेबाजी की, कांग्रेस ने X पर विरोध का वीडियो अपलोड करते हुए लिखा- “मोदी सरकार मनरेगा से न सिर्फ महात्मा गांधी जी का नाम हटा रही है, बल्कि मजदूरों के अधिकारों को छीनने की साजिश भी रच रही है। आज संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने सरकार के इस षड्यंत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हिंदुस्तान की मिट्टी में गांधी के विचार और आदर्श घुले हैं, ये सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, गांधी का नाम नहीं मिटा पाएगी।”
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी 20 साल से चल रही MGNREGA
मीडिया ने जब सांसद प्रियंका गांधी से बिल पर सवाल किया तो उन्होंने कहा मैंने पहले भी बोला है और फिर कहती हूँ कि यह बिल सबसे गरीब लोगों के लिए बहुत नुकसानदायक होने वाला है, क्योंकि मूल MGNREGA स्कीम को जिस तरह से बनाया गया था उसमें केंद्र सरकार 90 प्रतिशत फंड देती थी, प्रियंका गांधी ने कहा मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी और उन गरीब लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा थी जिन्हें रोज़गार मिलने में मुश्किल होती थी।
प्रियंका गांधी बोलीं खत्म हो जाएगी यह योजना, बताई इसकी वजह
प्रियंका गांधी ने कहा 20 सालों से मनरेगा उन अच्छी योजनाओं में से एक रही है जो चली और जिसने गरीब लोगों की मदद की खासकर उन लोगों की जिनके पास कुछ नहीं है लेकिन अब बिल के इस नए रूप में जब आप केंद्र से मिलने वाले फंड में कटौती करेंगे, तो राज्य सरकारें इसे वहन नहीं कर पाएंगी। इसका मतलब है कि यह योजना खत्म हो जाएगी, और यह बहुत नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा विपक्ष इस बिल का विरोध करता रहेगा।
विरोध तेज,राहुल गांधी ने राष्ट्रव्यापी मोर्चा बनाने की घोषणा की
बता दें सांसद राहुल गांधी ने ‘जी राम जी’ बिल वापस लिए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस राष्ट्रव्यापी मोर्चा बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ‘कल रात मोदी सरकार ने एक ही दिन में बीस साल से चली आ रही मनरेगा योजना को ध्वस्त कर दिया। VB-G RAM G मनरेगा का कोई पुनर्गठन नहीं है। यह अधिकार-आधारित, मांग-आधारित रोजगार गारंटी को खत्म कर उसे दिल्ली से नियंत्रित, सीमित योजना में बदल देता है।’ उन्होंने कहा कि इसकी संरचना ही गांवों के खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा दुनिया के सबसे सफल गरीबी उन्मूलन और सशक्तिकरण कार्यक्रमों में से एक है और उसे बचाने के लिए विपक्ष हर स्तर पर आंदोलन करेगा।
मोदी सरकार मनरेगा से न सिर्फ महात्मा गांधी जी का नाम हटा रही है, बल्कि मजदूरों के अधिकारों को छीनने की साजिश भी रच रही है।
आज संसद परिसर में विपक्ष के सांसदों ने सरकार के इस षड्यंत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
हिंदुस्तान की मिट्टी में गांधी के विचार और आदर्श घुले हैं, ये… pic.twitter.com/K0UCFMA6FE
— Congress (@INCIndia) December 19, 2025
This Bill is going to be very harmful for the poorest of the poor because the original MGNREGA scheme, the way it was structured – where the Centre paid 90% of the funds – was the backbone of the rural economy and the greatest support for people who are very poor and had… pic.twitter.com/Yl29MA2RlQ
— Congress (@INCIndia) December 19, 2025
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

