पश्चिम बंगाल SIR: एक और बीएलओ की मौत, TMC ने बोला चुनाव आयोग पर हमला 

 पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच एक बीएलओ की मौत होने पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। 
West Bengal SIR

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण ( West Bengal SIR) ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से संबंधित शिकायतों और दावों की सुनवाई जारी है। इस मुद्दे को लेकर पहले से ही सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच बांकुड़ा जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत की खबर सामने आई है। आरोप लग रहे हैं कि इस घटना की वजह एसआईआर से जुड़े काम का दबाव हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अब तक कारण की पुष्टि नहीं की है।

यह घटना रानीबांध ब्लॉक की है। जहां मृतक हराधन मंडल का शव एक स्कूल परिषद में बरामद किया। एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस के मुताबिक मंडल एक स्कूल शिक्षक थे। साथ ही रानीबांध ब्लॉक के रजकाट क्षेत्र के अंतर्गत बूथ नंबर 206 के बीएलओ के तौर पर काम कर रहे थे।

सुसाइड नोट में कथित तौर पर काम का दबाव झेलने में असमर्थ होने का जिक्र भी किया गया है।  शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है, इस दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।

TMC ने साधा बीजेपी और ECI पर निशाना 

तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने बीएलओ की मौत को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग की आलोचना की है। अमानवीय दबाव और स्वभाव को इसका जिम्मेदार ठहराया है। उन्होनें कहा कि, “बीजेपी के चुनावी फायदे के लिए बनाए गए वोटर सफाई अभियान से पैदा हुई घबराहट, चिंता, थकावट और डर की वजह से 50 ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। एक व्यवस्थित प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने बुलडोजर चलाकर खत्म कर दिया।”

उन्होनें भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, “लोग थकान, निराशा और डर से मर जाते हैं, इस नुकसान को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह उनके पावर गेम में सुविधाजनक फुट नोट है, जिसे इतिहास देख रहा है। इसे बंगाल न भूलेगा और न माफ करेगा।”

15 फरवरी तक राज्य में चलेंगे सहायता कैंप 

28 दिसंबर को एसआईआर को लेकर अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंटों को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। टीएमसी ने 15 फरवरी राष्ट्रीय महासचिव के निर्देश पर सहायता कैंप चालू रखने का ऐलान भी किया है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी असली वोटर का नाम न हटाया जाए, न  किसी को परेशान किया जाए।

Manisha Kumari Pandey
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