जब शिक्षा मंत्री की मीडिया के सामने फिसली जुबान, वीडियो हुआ वायरल

जब शिक्षा मंत्री की मीडिया के सामने फिसली जुबान, वीडियो हुआ वायरल

उदयपुर, डेस्क रिपोर्ट।  नेताओं की जुबान फिसलना अब आम बात हो गई है, अब इसे होमवर्क की कमी कहें या लगातार बोलने का प्रेशर, जिसमें ये गलतियां कर बैठते हैं और फिर माफ़ी मांगकर बयान को सुधारते हैं लेकिन तब तक बयान वायरल हो जाता है।

ताजा मामला उदयपुर का है जहाँ चल रहे उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने गए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) में स्कूल शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा की उस समय जुबान फिसल गई (Education Minister Govind Singh Dotasara tongue slipped) जब वे सावरकर से जुड़े मीडिया के सवाल पर विपक्ष पर निशाना साध रहे थे।

ये भी पढ़ें – कांग्रेस विधायक के दूसरे बेटे से पूछताछ जारी, जल्द हो सकती है आरोपी बेटे की गिरफ्तारी

पीसीसी चीफ एवं शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (PCC Chief Govind Singh Dotasara) ने कहा कि राजनाथ सिंह महात्मा गांधी को छोटा और सावरकर को बड़ा करने में जुटे हैं। इसके बाद अचानक मंत्री जी की जुबान फिसल गई।  उन्होंने कहा कि सावरकर के लिए ये कहना कि महात्मा गांधी के कहने पर माफ़ी मांगी थी, सावरकर ने 2011 और 2013 में माफीनामा लिखा। गांधी जी दक्षिणी अफ्रीका से 2015 में भारत लौटे थे  उसके बाद 1915 में वे स्वतंत्रता आंदोलन में उतरे थे और जब 1915 में गांधी जी आये और 1911 – 1913 में जो माफ़ीनामा लिखा वो आप पढ़ सकते हैं कि उसमें क्या लिखा है।

ये भी पढ़ें – Tiktok Side Effect : सावधान! टिकटॉक के कारण लड़कियों को हो रही ये बीमारी

अब इसे राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, स्कूल शिक्षा मंत्री और पीसीसी चीफ की जुबान फिसलना कहें या कुछ और? मंत्री जी का वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है और लोग इसे सुनकर चुटकी लेकर कह रहे हैं कि जब राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री का ये हाल है तो बच्चों के भविष्य का क्या होगा ?

[dgv_vimeo_video id=”636210492″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews