छात्र नेता से बने वामपंथ का मुख्य चेहरा, इमरजेंसी में गए जेल, कौन थे सीताराम येचुरी? जानें उनके बारे में कुछ खास बातें 

जेएनयू में छात्र नेता के रूप में सीताराम येचुरी का राजनीतिक संघर्ष शुरू हुआ। इमरजेंसी के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आइए जानें छात्रनेता से वामपंथ का सबसे बड़ा चेहरा बनने का उनका सफर कैसा रहा?
Sitaram Yechury Death

Sitaram Yechury Death: गुरुवार को 72 वर्ष की उम्र में वरिष्ठ माकपा नेता सीताराम येचुरी का निधन हो गया। वह लंबे समय से सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं। एम्स दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था।  कम्युनिस्ट नेता के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपर्ती द्रौपदी मुर्मू, राहुल गांधी समेत कई राजनीति हस्तियों से श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने सीताराम येचुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया पर लिखा, “सीताराम येचुरी के निधन से दुख हुआ। वह वामपंथी के अग्रणी प्रकाश थे और राजनीतिक स्पेक्ट्रम से जुड़ने की अपनी क्षमता के लिए  प्रसिद्ध थे। उन्होंने एक प्रभावी संसद के रूप में अपनी खास पहचान बनाई है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ है।”

Manisha Kumari Pandey
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