वर्ल्ड पोहा डे: इंदौरी पोहे से लेकर दही चूड़ा तक, ‘विश्व पोहा दिवस’ पर जानिए इस लोकप्रिय व्यंजन की खासियत

पोहा सिर्फ एक डिश नहीं बल्कि इमोशन है। इसकी उत्पत्ति भारत में हजारों साल पुरानी मानी जाती है। माना जाता है कि यह हल्का भोजन प्राचीन काल में यात्रियों और सैनिकों के लिए पसंदीदा था क्योंकि इसे आसानी से बनाया और स्टोर किया जा सकता था। इंदौर और मुंबई जैसे शहरों में पोहा स्ट्रीट फूड का सुपरस्टार है। सुबह-सुबह पोहा स्टॉल्स पर लगने वाली भीड़ इसका सबूत है।
World Poha Day

साभार: गूगल

आज ‘विश्व पोहा दिवस’ है। ये साधारण सी दिखने वाली चीज़ कितनी खास है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में एक दिन इसके नाम पर समर्पित है। आज हम पोहे को सेलिब्रेट कर रहे हैं जिसने हर भारतीय के दिल और थाली में अपनी खास जगह बनाई है।

पोहा, जिसे चिवड़ा या फ्लैटेंड राइस भी कहा जाता है। चावल को भिगोकर, दबाकर और सुखाकर इसे तैयार किया जाता है। यह प्रक्रिया चावल को हल्का, फूला हुआ और जल्दी पकने योग्य बनाती है। पोहे का उपयोग भारत के विभिन्न हिस्सों में नाश्ते से लेकर मिठाइयों तक में किया जाता है।

विश्व पोहा दिवस

वर्ल्ड पोहा डे पर बात करते हैं इस स्वादिष्ट चीज़ की। पोहा हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक नाश्ता है। भारत के कई हिस्सों में ये सुबह के सबसे पसंदीदा नाश्ते के रूप में देखा जाता है। मॉर्निंग ब्रेकफास्ट के अलावा इसे शाम के स्नैक्स तक हर वक्त चाव से खाया जाता है। पोहा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का अच्छा स्रोत है और इसमें फैट की मात्रा कम होती है जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। ये झट से बन जाता है और इसके लिए पहले से कोई खास तैयारी भी नहीं करनी पड़ती। अच्छी बात ये है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक..सभी इसे पसंद करते हैं। आपने ऐसे कम ही लोग देखे होंगे जो ये कहें कि उन्हें पोहा पसंद नहीं है। इसलिए ये जल्दी बनने वाली एक ऐसी डिश है जिसे बनाकर आप घर में सबको खुश कर सकते हैं।

इंदौरी पोहे से लेकर महाराष्ट्र के कांदा बटाटा पोहा तक

पोहा बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है। आमतौर पर इसे पानी में भिगोकर पहले नरम किया जाता है। फिर प्याज और अगर आप चाहें तो कुछ सब्जियों, मसालों के साथ पकाया जात है। ऊपर से नींबू का रस छिड़किए और स्वादिष्ट पोहा तैयार। भारत के हर क्षेत्र में पोहा अपने अनूठे तरीके और सामग्री के साथ बनाया जाता है। इंदौर अपने पोहे के लिए देशभर में मशहूर है। इंदौरी पोहा नरम, हल्का और स्वाद से भरपूर होता है। सौंफ का अनोखा स्वाद इसे एक अलग फ्वेलर देता है। साथ ही स्थानीय जिरावन मसाला मसाला पोहे को चटपटा बनाता है। इंदौर में पोहा-जलेबी का कॉम्बिनेशन मानों रोमियो जूलियट की जोड़ी। इंदौर, भोपाल सहित कई इलाकों में पोहे के ऊपर सेव डालकर भी खाए जाते हैं।

महाराष्ट्र का कांदा पोहा और बटाटा पोहा वहां की शान है। इसे मूंगफली, कसे हुए नारियल और धनिया से सजाकर परोसा जाता है। गुजरात में ये मीठे और नमकीन का मिश्रण होता है। गुजराती पोहे में चीनी और नींबू का रस मिलाकर इसे हल्का मीठा स्वाद दिया जाता है। उत्तर भारत के पोहा में मटर, गाजर और अलग अलग मसाले डालकर इसे और रंगीन बनाया जाता है। वहीं, बिहार और झारखंड का दही चूड़ा तो अब वर्ल्ड फेमस हो गया है। इसमें चूड़ा यानी कि पोहा को दही के साथ मिलाकर खाया जाता है। कई लोग इसमें गुड़ या शक्कर भी डालते हैं। ऐसे ही कई लोग दूध पोहा और शक्कर मिलाकर भी खाते हैं। इस तरह आप पोहे को अपनी पसंद के अनुसार कैसे भी बना सकते हैं। ये ऐसा व्यंजन है जिसे नाश्ते से लेकर कम भूख होने पर डिनर तक में खाया जा सकता है। तो आज पोहा दिवस पर अपने किचन में जाइए और अपने स्वाद के अनुसार बनाकर इस टेस्टी डिश का आनंद लीजिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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