Lokayukta Action : कृषि उपज मंडी का सचिव, क्लर्क सहित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Action : कृषि उपज मंडी का सचिव, क्लर्क सहित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta Action : लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज सोमवार को दो शासकीय सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया हैं। मुख्य आरोपी कृषि उपज मंडी का सचिव है जो अपने साथी क्लर्क के साथ माल का सत्यापन करने  के बदले 8340/- रुपये की रिश्वत ले रहे थे।

सागर लोकायुक्त एसपी रामेश्वर यादव ने जानकरी देते हुए बताया कि ग्राम सिकुर्च जिला पिथौरागढ़ उत्तराखंड निवासी गोविन्द वल्लभ की फर्म ने कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें कृषि उपज मंडी बीना के सचिव और क्लर्क  द्वारा रिश्वत मांगे जाने के आरोप लगाये थे ।

आवेदन में आवेदक गोविन्द वल्लभ ने बताया कि उनकी फर्म ने बीना कृषि उपज मंडी से कुछ फसल की खरीदारी की थी, जिसका उन्हें सत्यापन कराना था, सत्यापन के बदले मंडी सचिव नवल सिंह और क्लर्क (सहायक ग्रेड 3) नितिन कुमार रैकवार रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने आवेदक को समझाइश देकर सचिव और क्लर्क से रिश्वत देने के लिए हामी भरने और समय और स्थान तय करने की बात करने के लिए कहा और एक टेप रिकॉर्डर भी दिया, आवेदक गोविन्द वल्लभ ने ऐसा ही किया जिसके बाद लोकायुक्त को रिश्वत मांगे जाने के सबूत मिल गए।

प्रमाण मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने आज सोमवार को ट्रेप की प्लानिंग की और तय समय पर आवेदक गोविन्द वल्लभ को कृषि उपज मंडी बीना कार्यालय भेजा, वहां आवेदक ने मंडी सचिव नवल सिंह और क्लर्क नितिन कुमार से मुलाकात कर उन्हें रिश्वत की राशि  8340/- रुपये दिए।

रुपये देने के बाद आवेदक ने पुलिस टीम को इशारा कर दिया , इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम मंडी कार्यालय में आ गई और छापा मारकर सचिव नवल सिंह और क्लर्क नितिन कुमार को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया, पुलिस ने जब इनके हाथ धुलवाए तो वे गुलाबी हो गए, लोकायुक्त की टीम ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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