
सागर। मध्यप्रदेश पुलिस को सागर जहरीली शराब कांड में बड़ी सफलता हाथ लगी है। बंडा जहरीली शराब कांड में फरार चल रहे 30 रुपए हजार के इनामी आरोपी शिवंजय राजपूत को सागर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक रविवार तड़के बहरोल थाना क्षेत्र के मड़ैया के पास जंगल में घेराबंदी के दौरान शिवंजय ने पुलिस टीम पर तीन फायर किए। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने आरोपी शिवांजय के कब्जे से 315 बोर देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने उसका मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपी पूर्व से ही शराब तस्कर है। उसके ऊपर 3 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
मड़ैया के जंगल से होकर घर जाने की मिली थी सूचना
13 सितंबर की तड़के बहरोल पुलिस को सूचना मिली कि शिवंजय राजपूत मड़ैया के पास जंगल से निकलकर बंडा-बहरोल मुख्य मार्ग की ओर से अपने घर छापरी जा सकता है। सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद आसपास की पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया। बांदरी थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह और बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संभावित इलाके की चारों तरफ से घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू की।
पुलिस का दावा- शिवंजय ने किए तीन फायर
सागर पुलिस के मुताबिक सर्चिंग के दौरान शिवंजय ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर तीन फायर किए। पुलिस ने आत्मरक्षा में दो राउंड जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली शिवंजय के पैर में लगी। गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कट्टा, कारतूस, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद
पुलिस के अनुसार शिवंजय के कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस, एक मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद हथियार और अन्य सामान को लेकर भी जांच की जा रही है। बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस इससे जुड़े आरोपियों की तलाश और अवैध शराब के नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जहरीली शराब मामले को लेकर स्पष्ट कह चुके हैं कि यह घटना दुखद है। कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार सख्त है। प्रशासन को इस कांड के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस घटना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मामले में हो रही कार्रवाई की पल-पल मॉनिटरिंग की।

