भारत के Cheetah की नई पहचान, जनता ने दिए नये नाम, पीएम ने किया था आह्वान

भारत के Cheetah की नई पहचान, जनता ने दिए नये नाम, पीएम ने किया था आह्वान

Cheetahs in Kuno National Park MP : टाइगर प्रदेश मध्य प्रदेश (MP Tiger State) अब चीता प्रदेश (MP Cheetah State) भी है। दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से पिछले साल 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्होंने ही भारत में चीता परियोजना (मिशन चीता, Mission Cheetah ) की शुरुआत की थी, 17 सितम्बर को पीएम मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में 8 चीतों को छोड़कर नई शुरुआत की थी, तात्कालिक तौर पर चीतों को नाम दिए गए थे लेकिन अब पीएम मोदी के आह्वान पर एक प्रतियोगिता आयोजित कर कूनो के चीतों को नए नाम दिए गए हैं, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने चीतों के नए नामों और विजेताओं का खुलासा किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 सितम्बर 2022 को भारत में चीतों की बसाहट कर एक नये युग की शुरुआत की थी, इस दिन नामीबिया से आये 8 चीते कूनो नेशनल पार्क श्योपुर एमपी में छोड़े गए, इसके बाद 25 सितम्बर को पीएम ने “मन की बात” कार्यक्रम में देश की जनता से इन चीतों को नाम देने का अनुरोध किया था।

चीता परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से 18 फरवरी 2023  को 12 और चीते लाये गए जिन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वन मंत्री विजय शाह की साथ कूनो नेशनल पार्क में बनाये गए स्पेशल बाड़ों में छोड़ा।

पीएम मोदी के आह्वान पर देश के लोगों ने केंद्रीय वन मंत्रालय के पास भारत के चीतों के लिए नाम भेजे जिसमें से कुछ नामों का चयन किया गया और अब आगे से कूनो नेशनल पार्क के चीते जनता द्वारा सुझाये गए इन्हीं नए नामों से जाने जायेंगे,  केंद्रीय वन एवं पर्यावरण  मंत्री भूपेन्द्र यादव ने चीतों को दिए गए नए नामों और इनके विजेताओं के नामों का खुलासा ट्वीट  कर किया है ।

केंद्रीय मंत्री ने एक वीडियो अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर की है जिसमें कूनो नेशनल पार्क में मौजूद चीतों के फोटो के साथ उनके नामों का उल्लेख किया गया है साथ ही इनको ये नाम देने वाले लोगों के नामों का भी उल्लेख किया गया है, जो नाम चीतों को दिए गए हैं वे हैं आशा, पवन, नभ, ज्वाला, गौरव, शौर्य, धात्री, दक्ष, निर्वा, वायु, अग्नि, गामिनी, तेजस, वीरा, सूरज, धीरा, उदय, प्रभास, और पावक। कूनो नेशनल पार्क में चीते अब इन्हीं नए नामों से पहचाने और बुलाये जायेंगे ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके आह्वान पर चीतों को नाम देने वाले और जीतने वाले देशवासियों को ट्वीट कर बधाई दी है ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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