राम मंदिर दान-चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों पर दर्ज हुई FIR, SIT की रिपोर्ट पर एक्शन, जल्द गिरफ़्तारी संभव

प्रशासन का कहना है कि दान और चढ़ाव चोरी मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ाई जाएगी, मंदिर परिसर की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं।
Ram Mandir Ayodhya

अयोध्या राम मंदिर दान और चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट सौंपी जाने के बाद पहला बड़ा एक्शन हुआ है , शासन के निर्देश पर पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, एफआईआर में गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, खास बात ये है कि एफ आई आर में चंपत राय या ट्रस्ट से जुड़े किसी बड़े व्यक्ति का नाम नहीं है, अब सबकी निगाहें पुलिस के एक्शन पर टिक गई है उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही इस मामले में गिरफ़्तारी होगी।

इन धाराओं में दर्ज हुई FIR 

जानकारी के अनुसार राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पुलिस ने अयोध्या थाने में बीएनएस की धारा 306, 316 (5) और 317 (4), 317 (5), 61 और 3(5) में एफआईआर दर्ज  की है, इस एफ आई आर में कोई भी बड़ा नाम नहीं है और जो 8 आरोपी बनाये गए हैं उनमें से 6 कैशियर हैं बाकि दो वे है जो वायरल हुए वीडियो में इनकी मदद करते दिखाई दिए हैं, पुलिस ने इसमें अज्ञात लोगों का नाम भी जोड़ा है।

SIT की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज 

बताया जा रहा है कि पुलिस एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव आदि के नाम शामिल हैं। ये भी कहा जा रहा है कि चढ़ावे की राशि के संग्रहण और जमा प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक पड़ताल में कुछ तथ्यों को चिन्हित किया था। जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

सरकार ने कहा एक भी दोषी बक्शा नहीं जायेगा 

एफ आई आर दर्ज होने के बाद अब पुलिस इस गबन में आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन, चढ़ावे के प्रबंधन और अन्य संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी साथ ही उन महत्वपूर्ण बिन्दुओं को भी देखेगी जिसका जिक्र एसआई टी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। उधर सरकार ने स्पष्ट किया है पूरे मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है एक भी दोषी बक्शा नहीं जायेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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