मध्य प्रदेश में सामने आये 161 नए पॉजिटिव, भोपाल में स्थिति चिंताजनक

मध्य प्रदेश में सामने आये 161 नए पॉजिटिव, भोपाल में स्थिति चिंताजनक

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) लगातार कोरोना के निशाने पर बनी हुई है| यहां रोजाना 50 से 100 के बीच नए मामले सामने आ रहे हैं| बुधवार को फिर 49 नए मामले सामने आये हैं| इसमें बिजली कंपनी के मैनेजमेंट के हेड ऑफिस में 7 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, सेल टैक्स दफ्तर के 3, भिंड से कोरोना ड्यूटी पर आए विशेष सशस्त्र बल के 5 जवान फिर से पॉजिटिव मिले। प्रदेश में 161 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं|

संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मध्य प्रदेश द्वारा जारी कोरोनावायरस मीडिया बुलिटिन (Corona Bulletin) के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 6439 सैंपल की जांच की गई जिसमें से 102 रिजेक्ट हो गए। 6278 नेगेटिव और 161 पॉजिटिव निकले। इसी के साथ प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 11244 हो गई है| 6 मौतों के साथ कुल मृत्यु के साथ अब 482 लोगों की कोरोना के कारण जान जा चुकी हैं| 236 डिस्चार्ज किये गया हैं, उन्हें मिलाकर अब तक स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 8388 और अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 2374 है।

भोपाल में 49 नए पॉजिटिव मिले, अब संक्रमितों की संख्या 2332 हो गई है। वहीं, अब तक भोपाल में 73 लोगों की मौत हो चुकी है। इंदौर में 44 नए केस मिले हैं, इन्हे मिलाकर अब यहां 4134 पॉजिटिव मिल चुके हैं| इसके अलावा नीमच की स्थिति नाजुक बनी हुई है। यहां भी हर रोज नए पॉजिटिव केस मिल रहे हैं| 13 नए केस के साथ अब यहां 408 मरीज हो चुके हैं| ग्वालियर और खरगोन में आज फिर 10-10 पॉजिटिव केस दर्ज किए गए।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews