‘उदंत मार्तंड’ के 200 साल: भोपाल में सजेगा मीडिया महाकुंभ, जुटेंगे देशभर के दिग्गज

हिंदी के पहले अखबार ‘उदंत मार्तंड’ के 200 साल पूरे होने पर भोपाल में मीडिया महाकुंभ आयोजित होगा। भारत भवन में तीन दिन तक देशभर के पत्रकार, लेखक और विशेषज्ञ हिंदी पत्रकारिता के भविष्य और विरासत पर मंथन करेंगे।
‘उदंत मार्तंड’ के 200 साल: भोपाल में सजेगा मीडिया महाकुंभ, जुटेंगे देशभर के दिग्गज

जब आज हम मोबाइल पर खबर पढ़ते हैं या टीवी पर बहस देखते हैं, तो शायद यही सोचते हैं कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत कैसे हुई होगी। करीब 200 साल पहले, एक छोटे से प्रयास ने हिंदी में समाचार लिखने और पढ़ने की परंपरा शुरू की थी। उसी प्रयास का नाम था ‘उदंत मार्तंड’।

अब उसी ऐतिहासिक अखबार के 200 साल पूरे होने पर राजधानी भोपाल में एक खास आयोजन होने जा रहा है। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदी पत्रकारिता के सफर को समझने और आगे की दिशा तय करने का मौका होगा।

‘उदंत मार्तंड’ के 200 साल: इतिहास का जश्न

हिंदी का पहला समाचारपत्र ‘उदंत मार्तंड’ भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है। इसके 200 साल पूरे होना सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उस यात्रा का उत्सव है जिसने हिंदी भाषा को एक नई पहचान दी।

इसी अवसर पर भोपाल में ‘प्रणाम! उदंत मार्तंड’ शीर्षक से तीन दिवसीय राष्ट्रीय विमर्श का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और वीर भारत न्यास के संयुक्त प्रयास से भारत भवन में आयोजित होगा।

8 मई से तीन दिन तक चलेगा विमर्श

इस भव्य कार्यक्रम की शुरुआत 8 मई को सुबह 10:30 बजे होगी, जिसका उद्घाटन मोहन यादव करेंगे। इस दौरान देशभर के पत्रकार, लेखक और मीडिया विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे।

पहले सत्र में वरिष्ठ पत्रकार उदय माहूरकर विषय प्रवर्तन करेंगे, जबकि इसकी अध्यक्षता आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण करेंगी। इसके अलावा कई बड़े नाम इस आयोजन में शामिल होंगे और अपने विचार साझा करेंगे। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें गहराई से चर्चा और संवाद का माहौल भी देखने को मिलेगा।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा

मीडिया महाकुंभ के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें डिजिटल युग में टीवी पत्रकारिता की बदलती भूमिका, भारतीय पत्रकारिता का वैचारिक आधार, और वैश्वीकरण के बाद मीडिया की स्थिति जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा ‘नए भारत का निर्माण’ और ‘भारतीय भाषाओं का राष्ट्रीय स्वर’ जैसे विषयों पर भी मंथन होगा। यह चर्चा न केवल पत्रकारों के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मीडिया का असर हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है।

इस आयोजन में यह समझने की कोशिश की जाएगी कि आने वाले समय में हिंदी पत्रकारिता किस दिशा में जाएगी और उसे किन चुनौतियों का सामना करना होगा।

प्रदर्शनी और लाइव कार्टून शो भी होंगे आकर्षण

इस मीडिया महाकुंभ को खास बनाने के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम भी रखे गए हैं। इसमें 200 वर्षों की पत्रकारिता यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें पुराने अखबारों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा देश के आठ वरिष्ठ कार्टूनिस्ट लाइव कार्टून शो भी करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक होगा, बल्कि मनोरंजक भी रहेगा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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