भोपाल में 74 लोगों ने जीती कोरोना से जंग, तालियों से हुआ स्वागत

भोपाल में 74 लोगों ने जीती कोरोना से जंग, तालियों से हुआ स्वागत

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में बढ़ते कोरोना संक्रमितों के बीच राहत भरी खबर भी है| शुक्रवार को भोपाल में कुल 74 मरीज कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से ठीक होकर अपने घर रवाना हुए। इसी के साथ भोपाल का रिकवरी रेट 69 प्रतिशत से अधिक हो गया है।

सुबह चिरायु अस्पताल से 20 व्यक्ति और शुक्रवार शाम को हमीदिया अस्पताल से 28 और खुशीलाल होम्योपैथी चिकित्सालय से 26 व्यक्ति डिस्चार्ज हुए। इन उपलब्धियों के साथ भोपाल का रिकवरी रेट 69 प्रतिशत से अधिक हो गया। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया हॉस्पिटल की डीन श्रीमती अरूणा कुमार ने बताया कि आज चिकित्सालय से 28 कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। इनमे से 6 व्यक्ति बेहद गंभीर अवस्था में आईसीयू में थे। अपने दृढ़ निश्चय और आत्मबल से इस संक्रमण से विजय प्राप्त करने वाले कोरोना सेवियर्स का हमीदिया अस्पताल ने तालियों से स्वागत किया और उनके बधाइयां दी। इस उत्सव और खुशी के समय में पैरामेडिकल स्टाफ चिकित्सक सुपरिटेंडेंट अधिष्ठाता ने इन सभी व्यक्तियों को मास्क और सैनिटाइजर देकर उन्हें उनके घर रवाना किया।

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल से आज 26 व्यक्तियों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें सकुशल अपने घर रवाना किया गया। इन्हे पूर्व में पॉजिटिव आने पर लक्षणों के आधार पर स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के तहत इन्हे आइसोलेशन में रखा गया था। अभी तक कुल 1423 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में से 983 व्यक्ति संक्रमण से पूरी तरह ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews