विभाग बंटवारे के बाद पहली कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

SHIVRAJ CABINET MEETING

भोपाल| मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के बाद हुई सोमवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक (Shivraj Cabinet) में कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी है| बैठक में मंत्रियों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद मंत्रियों ने कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट ने म.प्र. साहूकारी संशोधन विधेयक एवं अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक 2020 को स्वीकृति दे दी गई। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिवराज सरकार ने कमलनाथ सरकार के फैसले को पलट दिया है जिसमें नगरीय निकायों में महापौर, नपा अध्यक्ष चुनाव जनता से कराने की बजाय पार्षदों से कराने का फैसला किया था। अब निकाय चुनाव में पार्षद के साथ महापौर व नगर पालिका अध्यक्ष जनता द्वारा ही चुने जाएंगे|

विधायक-सांसद भी बन सकेंगे सहकारी बैंकों के अध्यक्ष
बैठक में हुए फैसले के अनुसार सांसद और विधायक भी अब अपेक्स बैंक के चेयरमैन बन सकेंगे। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam MIshra) ने बताया कि साहूकार अब अपनी मर्जी से ब्याज नहीं वसूल सकेंगे। इस पर अब पठानी ब्याज नहीं लगेगा। कैबिनेट ने अजजा का ऋण मुक्ति संशोधन विधेयक को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। जिसमें अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी व्यक्तियों के 15 अगस्त 2020 तक के सभी ऋण ब्याज सहित माफ किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है। ये विधेयक विधानसभा में लाए जाएंगे। इसके साथ ही लोक सेवा प्रदाय गारंटी संशोधन विधेयक भी लाया गया है। इसमें कहा गया है कि कोई भी अधिकारी अगर समय सीमा में काम नहीं कर पाता है तो कम्प्यूटर खुद जनरेट कर रिपोर्ट देगा। बैठक में श्रम विधि संशोधन विधेयक और श्रम विधि द्वितीय संशोधन विधेयक भी मंजूर किए गए।

सोमवार को विभागीय समीक्षा, मंगलवार को कैबिनेट
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh CHauhan) ने कहा कि हर सोमवार एवं मंगलवार को सभी मंत्रीगणों को भोपाल में ही रहना है। सोमवार को वे विभागीय समीक्षा करें तथा उस दिन विधायकगणों से मिलने का एक निश्चित समय निर्धारित करें। मंगलवार को 11 बजे से कैबिनेट की बैठक होगी। (अपरिहार्य कारणों को छोड़कर)| मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में विभागीय संक्षेपिका का प्रस्तुतीकरण मंत्रीगण स्वयं करें। इस कार्य में विभागीय ए.सी.एस. एवं पी.एस. उनकी मदद करेंगे।

प्रभार के जिलों में महीने में कम से कम 2 दिन जाएं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में मंत्रिमंडल में 34 सदस्य हैं, अत: कुछ मंत्रीगणों को 01 तथा कुछ को 02 जिले प्रभार के दिए जाएंगे। प्रभारी मंत्रीगण अपने प्रभार के जिले में माह में कम से कम 02 दिन दौरा करें। साथ ही वहां रात्रि विश्राम भी करें। दौरे के दौरान समीक्षा बैठक, योजनाओं का क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की स्थिति देखें तथा जनता के साथ संवाद करें।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews