बीजेपी विधायक रामेश्वर ने फूंका कमलनाथ का पुतला, बोले-‘सेना के खून की दलाल है कांग्रेस’

बीजेपी विधायक रामेश्वर ने फूंका कमलनाथ का पुतला, बोले-‘सेना के खून की दलाल है कांग्रेस’

भोपाल| कांग्रेस (Congress) पार्टी जिसे देश ने एक बार नही अनेक बार इस देश की सत्ता सौपी अनेक प्रदेशो में सरकार बनायी पर उसी कांग्रेस ने देश और देश की सेना के साथ विश्वासघात किया । कांग्रेस ने सेना के जवानों के खून की दलाली की । जो सैनिक अपने सीने पर गोलियां खाकर इस देश के मान- सम्मान-स्वाभिमान की रक्षा करता है कांग्रेस ने उसके स्वाभिमान को बेचने का काम किया यह बात हुज़ूर विधानसभा से विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा (Rameshwar Sharma) ने कही ।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष (BJP State President) विष्णु दत्त शर्मा (VD Sharma) के आव्हान पर मध्यप्रदेश के प्रत्येक भाजपा मंडल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का पुतला फूंका गया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने मालवीय नगर स्थित युवा सदन कार्यालय पर कमलनाथ का पुतला फूंका । विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने देश को बांटने और बेचने का काम किया है | कांग्रेस के काले कारनामे देश के सामने है । कांग्रेस की गलत नीतियों की वजह से देश में खुदरा व्यापार खत्म हो गया ।

ये रहे उपस्थित
इस अवसर भाजपा नेता दिनेश यादव, वीरेंद्र मारन, अरुण ठाकुर, विपिन सोनी, सुनील चंद्रवंशी, संजय मैथिल, विकास जोगी, निर्भय सिंह धाकड़, पवन गुप्ता, ओम प्रकाश पुरोहित, मोहन राजपूत, अंकित बाटव सहित अन्य उपस्थित रहे ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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