संजीवनी टेली हेल्थ सेवा : प्रमुख सचिव ने बताया कैसे कराएं घर बैठे इलाज

संजीवनी टेली हेल्थ सेवा : प्रमुख सचिव ने बताया कैसे कराएं घर बैठे इलाज

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) के खिलाफ जंग जारी है| लॉक डाउन (Lockdown) के चलते सामान्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को परेशानी करना पड़ रहा है| ऐसे में सरकार ने ‘संजीवनी टेली हेल्थ सेवा’ शुरू की है| जिसमे टोल फ्री नंबर पर कॉल कर डॉक्टर से परामर्श लिया जा सकता है। लक्षण के आधार पर डॉक्टर सलाह देंगे और मोबाइल पर दवा का पर्चा भेजेंगे, जिसे दिखाकर रोगी दवा खरीद सकेगा।

फैज अहमद किदवई, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि इंडसइंड बैंक और अपोलो अस्पताल के साथ ‘संजीवनी टेली हेल्थ सेवा’ शुरू की गई है| यह निशुल्क सेवा है, जिसका नंबर 1800-103-7378 है| इस निशुल्क सेवा के तहतअपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर किसी भी बीमारी के बारे में निशुल्क परामर्श देंगे| इसमें ई-प्रिस्क्रिप्शन की भी सुविधा है, जिसे प्राप्र्त कर मेडिकल स्टोर से दवाइयां ले सकते हैं| इसकी क्षमता प्रतिदिन 1300 कॉल लिए जा सकते हैं| उन्होंने लोगों से इस सुविधा का लाभ लेने की अपील की है|

बता दें कि इस नंबर पर कॉल कर के व्यक्ति को मरीज का नाम, उम्र और बीमारी से संबंधित सारे लक्षण बताने होंगे, जिसके आधार पर डॉक्टर उसे सलाह देंगे, मोबाइल पर दवा का पर्चा बनाकर भी भेजेंगे, जिससे संबंधित बीमारी के मरीज दवा खरीद सकेंगे|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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