राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने गिनाईं MP की उपलब्धियां

राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने गिनाईं MP की उपलब्धियां

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। दिल्ली में आज “आत्मनिर्भर भारत के लिए कृषि का सतत विकास” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन  और क्रॉप लाइफ इंडिया की 42वीं वार्षिक बैठक का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय सम्मलेन (National Conference on “Sustainable Development of Agriculture for Self-reliant India”) में देश के अलग अलग राज्यों के कृषि मंत्री शामिल हुए।  सम्मेलन में शामिल एमपी के कृषि मंत्री कमल पटेल (MP Agriculture Minister Kamal Patel) ने कृषि के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियां बताईं। सम्मेलन में किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर फोकस किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अंतर्गत मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर कृषि प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के नेतृत्व में कृषि अधोसंचना निधि AIF के उपयोग में मध्य प्रदेश देश में नंबर वन हैं।

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उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि किसान भाई अपनी उपज को ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग कर बेचें जिससे उसे उपज के अच्छे दाम मिलें, हमारे प्रयास के इसी क्रम में मध्य प्रदेश में कस्टम प्रोसेसिंग योजना की शुरूआत की गई। इस योजना के अंतर्गत किसान भाई 40% अनुदान पर कृषि उत्पादों के प्रोसेसिंग की यूनिट लगा सकते हैं।

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कार्यक्रम ने केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, तेलंगाना के कृषि मंत्री एस निरंजन रेड्डी शामिल हुए। कार्यक्रम में कुछ राज्यों के कृषि मंत्री ऑनलाइन भी जुड़े। राष्ट्रीय सम्मेलन में किसानों के कल्याण, किसानों की आमदनी बढ़ाने, कृषि के क्षेत्र में नए नवाचारो के साथ जैविक और प्राकृतिक खेती को लेकर भारत सरकार की चल रही योजनाओं पर भी फोकस किया गया। इस मौके पर किसानों के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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