अंबेडकर जयंती: संविधान निर्माता को देशभर में दी जा रही है श्रद्धांजलि, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया नमन, महू में विशाल समागम में होंगे शामिल

डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय को संविधान का मूल आधार बनाया। वे शिक्षा, अधिकारों और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रबल समर्थक थे। उनका जीवन आज भी हमें समता, न्याय, बंधुत्व और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।
Ambedkar Jayanti

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संविधान के मुख्य शिल्पकार और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर आज पूरे देश में मनाई जा रही है। यह अवसर समानता, न्याय और मानवाधिकारों की याद दिलाता है जिनके लिए बाबा साहेब ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

अंबेडकर जयंती पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा है कि “भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक न्याय के पुरोधा, ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूँ। शिक्षा और समानता के माध्यम से आपने महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को गति दी। समता, न्याय और अधिकारों पर आधारित सशक्त भारत की जो नींव आपने रखी, वह आज भी राष्ट्र निर्माण का पथ प्रशस्त कर रही है। वंचितों, शोषितों और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए आपका संघर्ष और विचार हम सभी के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत हैं।”

संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की जयंती

डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार और फादर ऑफ इंडियन कांस्टीट्यूशन कहा जाता है। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। उन्होंने जातिगत चुनौतियों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त की और कोलंबिया विश्वविद्यालय तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की। संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारतीय संविधान को आकार दिया जिसमें समानता, स्वतंत्रता और आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए। वे देश के पहले कानून मंत्री भी रहे और श्रमिकों तथा महिलाओं के अधिकारों के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाकर जाति व्यवस्था से मुक्ति का संदेश दिया। उनके प्रसिद्ध उद्घोष “शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित हो” आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करते हैं।

सीएम मोहन यादव महू में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल

आज देशभर में अंबेडकर जयंती मनाई जा रही है। लोग डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद कर उन्हें नमन कर रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर विचार गोष्ठियों, श्रद्धांजलि सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उनके जन्मस्थान  महू में विशेष आयोजन हो रहा है। बाबा साहेब की जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक में विशाल समागम का आयोजन किया गया है जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

प्रशासन ने की चाक चौबंद व्यवस्था

इस कार्यक्रम के लिए देशभर से हजारों लोग महू पहुंचे हैं। बाबा साहेब के अनुयायियों का आगमन 12 अप्रैल से शुरू हो गया था। प्रशासन ने उनकी सुविधा के लिए हरसंभव इंतजाम किए हैं। अनुयायियों की मेहमान की तरह आवभगत की जा रही है। उनके भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है और शीतल पेयजल के लिए कई जगहों पर प्याऊ लगाए गए हैं। अनुयायी डॉ. अंबेडकर के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर रहे हैं, भीम गीत गा हैं और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए उनके आदर्शों को याद कर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प ले रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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