आंगनवाड़ी के बच्चों ने स्कूली शिक्षा की तरफ बढाए कदम, सरकार ने आयोजित की ग्रेजुएशन सेरेमनी, मंत्री निर्मला भूरिया में दिए विद्यारंभ प्रमाणपत्र

भारत सरकार के निर्देशानुसार अब आंगनवाड़ी में 3 वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने वाले बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी शाला-पूर्व शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिल सके।
Anganwadi graduation ceremony

Anganwadi graduation ceremony

मध्य प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण आहार के साथ अक्षर ज्ञान लेने वाले करीब 10 लाख बच्चे अब स्कूली शिक्षा की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं, सरकार ने इनके लिए एक नई पहल करते हुए “विद्यारंभ प्रमाण-पत्र” देने का नवाचार किया है, इसके लिए आज ग्रेजुएशन सेरेमनी का भी आयोजन किया गया, राज्य स्तरीय समारोह भोपाल में आयोजित किया गया जहाँ महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सांकेतिक रूप से कुछ बच्चों को  “विद्यारंभ प्रमाण-पत्र” दिए।

राजधानी भोपाल के नेहरू नगर में स्थित आंगनवाड़ी क्रं. 1061 में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री निर्मला भूरिया ने बच्चों को प्रमाणपत्र दिए और उनको स्कूली शिक्षा के लिए शुभकामनायें दी, मंत्री भूरिया ने कहा आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला है क्योंकि यहाँ उनकी प्रारंभिक शिक्षा के साथ साथ उनके पोषण, उनके स्वास्थ्य की देखभाल भी की जाती है।

“पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम

मंत्री भूरिया ने बच्चों के परिजनों को भी शुभकामनायें दी और कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र में आने वाला 3 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चे को यहाँ सिर्फ घर जैसा माहौल ही नहीं मिलता उन्हने बहुत कुछ सीखने को मिलता है यहाँ उनके सम्पूर्ण विकास का ध्यान रखा जाता है इसी उद्देश्य से सरकार प्रदेश में “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम चला रही है जिसके तहत बच्चों को खेल खेल में प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है।

आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को बुनियादी शिक्षा

मंत्री भूरिया ने कहा अब ये बच्चे 6 साल से अधिक उम्र के हो गए हैं अब इनके स्कूल जाने का समय हो गया है इसलिए विद्यारंभ प्रमाणपत्र देकर उन्हें स्कूलों की तरफ भेजा जा रहा है जहाँ वे अपने शैक्षणिक जीवन की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को बुनियादी शिक्षा दी जाती है उनकी नींव बनाई जाती है जो निश्चित है बच्चों की स्कूली शिक्षा में मददगार साबित होगी ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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