कोरोना संकटकाल में शिवराज सरकार का एक और बड़ा फैसला

कोरोना संकटकाल में शिवराज सरकार का एक और बड़ा फैसला

भोपाल।शरद व्यास।

कोरोना संकट (Corona crisis) के बीच मप्र की शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar)ने बडा फैसला लिया है, जिसके तहत अब मच्छर जनित बीमारियां अधिसूचित संक्रामक रोग के दायरे में होंगी। इसके बाद डेंगू, मलेरिया,चिकनगुनियां, जीका, जैपनीज इंसेफेलाइटिस अब नोटिफाइड इन्फेक्शियस डिसीज के दायरे में होंगी।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई (Faiz Ahmed Kidwai, Principal Secretary, Health Department) ने यह कार्यवाही एमपी पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 50 के तहत की है। ये संक्रामक रोग पूरे प्रदेश के लिये घोषित किये गये हैं। उक्त अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत ये अधिसूचित संक्रामक रोग घोषित किये गये हैं।इसका गजट में भी प्रकाशन हुआ है। इसके तहत निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को भी मच्छर जनित रोगों से पीडित मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।वही घरों में मलेरिया के लार्वा का सर्वे नगर निगम की सर्वे टीमें बिना सर्च वारंट कर सकेंगी ।

बता दे कि देशभर में इस समय कोरोना महामारी चल रही है, इस पर कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है वही एमपी में अब मानसून आ गया है और प्रदेशभऱ में बारिश हो रही है, ऐसे में मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, जिका, चिकनगुनिया एवं जेपनिज एनसेफलाइटिस बुरी तरह फैलते हैं तथा कोरोना संक्रमण के दौरान इनकी भी रोकथाम करना जरुरी है। अब इन अधिसूचित रोगों के बारे में सभी प्रोटोकाल अपनाये जायेंगे।कोरोना पहले ही अधिसूचित संक्रामक रोग घोषित है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews