‘कोरोना के खिलाफ नवांकुर की सुरीली जंग’ में ‘अर्चना खरे’ की शानदार प्रस्तुति

‘कोरोना के खिलाफ नवांकुर की सुरीली जंग’ में ‘अर्चना खरे’ की शानदार प्रस्तुति

लॉकडाउन (Lockdown) के बीच इन दिनों लोग घर बैठे भी एक से एक दिग्गज हस्तियों की प्रस्तुतियों का आनद ले रहे हैं| नवांकुर सांस्कृतिक संस्था द्वारा “कोरोना के खिलाफ नवांकुर की सुरीली जंग” शीर्षक से एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से नवांकुर द्वारा सप्ताह में दो अथवा तीन बार देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिष्ठित गायकों को आग्रह कर उनका लाइव कार्यक्रम नवांकुर के फेसबुक पेज पर प्रसारित किया जाता है । इसी के तहत नई प्रतिभाओं को सामने लाने एक श्रृंखला ‘सरगम का सफर’ शुरू किया गया है| जिसमे 2 जून को नवांकुर स्कूल ऑफ़ म्यूज़िक की अत्यंत प्रतिभाशाली कलाकार सुश्री अर्चना खरे ने प्रस्तुति दी| अर्चना ने अपनी मेहनत और अपने मेंटर के मार्गदर्शन से अपनी अलग छवि बनाई है, सुगम संगीत में उनकी गायन शैली, चाहे वो फ़िल्म संगीत हो, भजन या ग़ज़लें, अप्रतिम है।

नवांकुर के इस अभियान का उददेश्य संगीत के माध्यम से कोरोना से बचाव के उपायों के प्रचार-प्रसार मे शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों को और मजबूती प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को घरों में रोके रखना और साथ ही उन्हें स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करना भी नवांकुर का एक उद्देश्य है l इस तरह के कार्यक्रम लोगों के मन में एक सकारात्मक वातावरण उत्पन्न करते हैं और यह सकारात्मक वातावरण लोगों की इम्युनिटी पावर बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है|

नवांकुर के इस अभियान की विशेषता यह है कि देश के विभिन्न हिस्सों से उदयीमान और प्रतिष्ठित गायक अपने घर पर बैठे-बैठे ही नवांकुर के फेसबुक पेज पर आते हैं और अपना प्रस्तुतीकरण देते हैं। इस अभियान के अंतर्गत नवांकुर द्वारा मुंबई, दिल्ली , कोलकाता , हैदराबाद , जयपुर, कोटा, बिलासपुर एवं भोपाल सहित अन्य क्षेत्रों के लगभग 30 गायकों को आमंत्रित किया जा चुका है तथा अभियान सतत जारी है। इस कार्यक्रम की अवधारणा, संचालन तथा समन्वय नवांकुर के फाउंडर अनूप श्रीवास्तव का है।

https://www.facebook.com/archana.khare.165/videos/941121246349488/

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews