भोपाल में 172 करोड़ के हेल्थ प्रोजेक्ट अधूरे! उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा– अतिक्रमण, एसटीपी और हैंडओवर में अटकी योजनाएं

भोपाल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।विपक्ष का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाएं अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं, जिससे राजधानी के लोगों को अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
Umang Singhar

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कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर मध्यप्रदेश सरकार को घेरा है। उमंग सिंघार ने भोपाल में लगभग 172 करोड़ लागत की चार बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं के ठप पड़े होने का आरोप लगाते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की बदहाली के कारण जनता को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि राजधानी में कई स्वास्थ्य परियोजनाएं प्रशासनिक कारणों से अटकी हुई हैं। कहीं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हुई, कहीं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था नहीं है तो कहीं निर्माण पूरा होने के बावजूद भवनों का हैंडओवर नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप है कि इस कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू नहीं हो सकीं।

कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य ढांचे को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 172 करोड़ रुपये की लागत वाली चार प्रमुख स्वास्थ्य परियोजनाएं लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं, जिस कारण आम लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का आवश्यक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसार स्वास्थ्य विभाग की कमजोर व्यवस्था और प्रशासनिक ढिलाई की वजह से ये योजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उमंग सिंघार ने लगाए आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार में अस्पताल और स्वास्थ्य परियोजनाएं सिर्फ ठेके और कमीशन तक सीमित रह गई हैं। उन्होंने कहा कि जब लोगों को इलाज की जरूरत होती है तब अस्पताल भवन अधूरे खड़े रहते हैं और जब सुविधाओं की मांग होती है तब फाइलें अटकी रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों की सार्वजनिक धनराशि जनता की मेहनत की कमाई है और उसका उपयोग नहीं होना चिंता का विषय है। उमंग सिंघार ने कहा है कि ‘सबका साथ सबका विकास की बड़ी-बड़ी घोषणाएं लेकिन ज़मीनी काम शून्य है’।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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