10 वीं पास विवेक ने साल भर में खपाए छह लाख से ज्यादा के नकली नोट, भोपाल पुलिस को घर के अंदर मिली फैक्ट्री, गिरफ़्तार

आरोपी  मूलतः उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और भोपाल में करोंद इलाके में रहता है, पुलिस उससे उन सभी कनेक्शन के बारे में पूछताछ कर रही है जहाँ से वो ऑनलाइन मटेरियल जुटाता था। 
fake note bhopal

राजधानी भोपाल पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने अपने घर में नकली नोट बनाने की फैक्ट्री लगा रखी थी, नकली नोट बनाने के लिए उपयोग होने वाला कागज, डाई, स्याही, वाटर मार्क सबकुछ उसके पास था, शुरूआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो एक साल में करीब 6 लाख रुपये के नकली नोट बाजार में खपा चुका है पुलिस उससे पूछ ताछ कर रही है।

भोपाल की पिपलानी थाना पुलिस ने नकली नोट की सूचना पर एक घर पर छापा मारा और उसे वहां नकली नोट बनाने की फैक्ट्री मिली, पुलिस ने आरोपी विवेक यादव को पकड़ा उसने बताया कि वो नकली नोट प्रिंट कर उसे फिर मार्केट में खपाता है, पुलिस ने आरोपी के पास से 2 लाख से ज्यादा के 500–500 के नकली नोट पकड़े हैं, उसने बताया कि वो अलग अलग दुकानों पर अपनी सुविधानुसार नकली नोट खपाता है जिससे कोई उसपर शक नहीं करे।

घर में लगा रखा था पूरा  मैकेनिज्म

पुलिस ने जब आरोपी के घर को बारीकी से देखा तो समझ आया कि विवेक ने अपने नकली नोट प्रिंटिंग के कारोबार को अच्छे से जमा रखा था उसने अपने घर पर नोट छापने का पूरा मैकेनिज्म इंस्टॉल कर लिया था, वो हुबहू वैसा ही कागज उपयोग करता था जैसा असली नोट में होता था, वाटर मार्क भी लगा देता था जिससे शक न हो पुलिस को उसके पास से  30 लाख से ज्यादा के नकली नोट छापने का रॉ मटेरियल भी मिला है।

नकली नोट छापने के लिए ऑनलाइन स्टडी की  

आरोपी विवेक ने बताया कि वो 10वी पास है लेकिन प्रिंटिंग की जानकारी के चलते उसने नकली नोट प्रिंट करने की प्लानिंग की, उसने नकली नोट छापने के लिए कई राइटर्स की किताबें पढ़ीं, अलग अलग जगह से ऑनलाइन अध्ययन किया फिर ऑनलाइन आर्डर कर मटेरियल जुटाया और नकली नोट छापने लगा।

मटेरियल भी ऑनलाइन आर्डर करता था 

विवेक ने पुलिस को बताया वो पिछले एक साल से ये कारोबार कर रहा है वो अकेले ही इस काम को करता है आवश्यकतानुसार नकली नोट छापता है और फिर उसे एक एक कर मार्केट में खपाता है, अब तक करीब 6 लाख रुपये के नकली नोट खपा चुका है। आरोपी  मूलतः उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और भोपाल में करोंद इलाके में रहता है, पुलिस उससे उन सभी कनेक्शन के बारे में पूछताछ कर रही है जहाँ से वो ऑनलाइन मटेरियल जुटाता था।

[dgv_vimeo_video id=”1137169343″]

भोपाल से जितेंद्र यादव की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews