भोपाल के बड़े तालाब में तिरंगा यात्रा पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, मुकेश नायक ने NGT के आदेश का दिया हवाला

बड़े तालाब में हुई नौका तिरंगा यात्रा अब राजनीतिक सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेता ने मोटर बोट के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए सरकार से पूछा कि क्या यात्रा के दौरान नावों के संचालन के लिए विशेष अनुमति ली गई थी।
Mukesh Nayak

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कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने भोपाल के बड़े तालाब में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान मोटर बोट के इस्तेमाल को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा यात्रा के नाम पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश की अनदेखी की गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस आयोजन के लिए NGT के आदेश से कोई वैधानिक अनुमति या छूट ली गई थी।

मुकेश नायक ने कहा कि तिरंगे का सम्मान हर भारतीय के दिल में है लेकिन यात्रा के दौरान मोटर बोट का इस्तेमाल गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की नाव के अलावा सुरक्षा में तैनात जवानों की मोटर बोट भी बड़े तालाब में चलती दिखाई दीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या NGT का आदेश मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर लागू नहीं होता है।

NGT ने दिए है ये निर्देश

बता दें कि सितंबर 2023 में NGT की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने भोपाल के अपर लेक यानी बड़े तालाब में क्रूज और मोटर से संचालित अन्य नावों के संचालन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। आदेश में अधिकारियों को भोपाल झील और अन्य अधिसूचित वेटलैंड में मोटर से चलने वाली नावें संचालित करने से रोका गया था। NGT ने यह भी कहा था कि मध्यप्रदेश के जल निकाय जनता के हित में हैं और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उनका संरक्षण किया जाए तथा उन्हें प्रदूषण और नुकसान से बचाया जाए। हालांकि आदेश में गैर-मोटर चालित नावों और क्रूज को प्रतिबंध से अलग रखा गया था बशर्ते वे शोर या अन्य गतिविधियों से जुड़े संबंधित पर्यावरणीय नियमों का पालन करें।

कांग्रेस ने किए सवाल

स्वतंत्रता दिवस से पहले मध्यप्रदेश में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत गुरुवार को भोपाल के बड़े तालाब स्थित बोट क्लब पर नौका तिरंगा यात्रा आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस तिरंगा यात्रा को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बीजेपी को घेरा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि तिरंगा यात्रा के दौरान मोटर बोट चलाने के लिए NGT के आदेश से कोई विशेष अनुमति, वैधानिक छूट या अन्य कानूनी प्रावधान मौजूद था, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। यदि ऐसी कोई अनुमति नहीं थी तो उन्होंने पूछा कि NGT के आदेश के बावजूद मोटर बोट चलाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया। मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के लिए नियम-कानून लागू होते हैं लेकिन सत्ता से जुड़े आयोजनों में उन्हीं नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि मध्यप्रदेश में कानून सर्वोपरि है या सत्ता।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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