Bhopal Update: कोरोना से जिंदगी की जंग हारी वरिष्ठ प्रोफेसर, 22 अन्य की रिपोर्ट पॉजिटिव

सिंगरौली कलेक्टर

Corona Virus In Red Background – Microbiology And Virology Concept – 3d Rendering

भोपाल।

मध्यप्रदेश की राजधानी में कोरोना का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार मिल रहे मरीज ने चिंता बड़ा रखी है। हलाकि राजधानी में संक्रमण का ज्यादा प्रभाव बुजुर्गों पर देकने को मिल रहा है। जहाँ आज एक्सीलेंस कॉलेज की एक वरिष्ठ प्रोफेसर की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई है। वहीँ 22 लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। जिसके साथ ही राजधानी में संक्रमितों की संख्या 2656 हो गई है।

दरअसल शुक्रवार को 950 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों में अयोध्या नगर, शक्ति नगर और वन ट्री हिल्स नए क्षेत्र हैं। जबकि अन्य संक्रमित क्षेत्रों से हैं। नए क्षेत्रों में पहली बार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। हलाकि राहत की बात ये है कि 40 संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। जिसमें 36 चिरायु व चार मरीज हमीदिया अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। नए केस में शुक्रवार को बैरागढ़ की सीपीआर कॉलोनी में 60, 62 और 68 वर्षीय तीन बुजुर्गों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। वहीं, बैरागढ़ के वन ट्री हिल्स कॉलोनी में भी एक 60 वर्षीय बुजुर्ग और एक 41 वर्षीय महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिसके बाद बुजुर्ग व्यक्तियों को लेकर प्रशासन सचेत हो गया है।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को भोपाल में 58 नए केस सामने आए। इसके साथ राजधानी में संक्रमितों की संख्या 2396 हो गई। हॉटस्पॉट ऐशबाग के महामाई बाग में 16 लोग संक्रमित मिले, इनमें एक ही परिवार के 10 सदस्य शामिल थे। वहीं अबतक कुल 81 मरीजों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। जबकि 789 संक्रमित मरीजों का उपचार कोविड केयर अस्पतालों में चल रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews