मंत्रिमंडल विस्तार: नाथ का तंज-मंथन के बाद अमृत नही, सिर्फ़ निकला विष, रोज पड़ेगा पीना

मंत्रिमंडल विस्तार: नाथ का तंज-मंथन के बाद अमृत नही, सिर्फ़ निकला विष, रोज पड़ेगा पीना

भोपाल।
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दो जुलाई को शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार (Shivraj cabinet expansion) होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने आज मीडिया से चर्चा कर इस बात की पुष्टि की है। शिवराज ने कहा है कि जब भी मंथन होता है, अमृत निकलता है। अमृत तो बंट जाता है, लेकिन विष शिव पी जाते हैं।गुरुवार के दिन विस्तार होगा। शिवराज के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे है। बयान में शिवराज के दर्द के झलक देखने को मिल रही है, ऐसे में विपक्ष ने इस बयान को आधार बनाकर हमले करना शुरु कर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former Chief Minister Kamal Nath) ने ट्वीटर के माध्यम से पलटवार करते हुए कहा कि मंथन इतना लंबा हो गया कि अमृत तो निकला नहीं , सिर्फ़ विष ही विष निकला है। मंथन से निकले विष को तो अब रोज़ ही पीना पडेगा क्योंकि अब तो कल से रोज़ मंथन करना पडेगा। अमृत के लिये तो अब तरसना ही तरसना पडेगा।इस विष का परिणाम तो अब हर हाल में भोगना पडेगा।वही कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने ट्वीट कर शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल-2 पर तंज कसा है। उन्होने कहा कि CM शिवराजसिंह ने कहा कि मंत्रिमंडल का गठन कल होगा, आज देवशयनी ग्यारस है, अब मांगलिक कार्य नहीं होंगे, यानी जब देव उठेंगे तब शुभ कार्य प्रारम्भ होंगे, तब कमलनाथ CM होंगे। उन्होने आगे कहा कि CM का यह कहना कि मंथन में विष शिव पी जाते हैं, गहरे संकेत का असहनीय दर्द है?

माना जा रहा है कि हाईकमान की नई लिस्ट में शिवराज के चहेतो को ज्यादा जगह नही मिली है।राज्यसभा सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नौ रत्नों के अलावा कई युवा चेहरे लिस्ट में शामिल है।कहा जा रहा है कि पिछले कार्यकाल की अपेक्षा इस बार के मंत्रिमंडल में कई चौंकाने वाले भी नाम शामिल हो सकते है।नई लिस्ट में युवाओं और उपचुनाव पर फोकस किया गया है।यही वजह की शिवराज के विष वाले बयान की कडी कही ना कही इससे जुड़ती हुई नजर आ रही है।

(भोपाल से पूजा खोदाणी की रिपोर्ट )

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