
Chief Minister Dr. Yadav distributed incentives worth Rs. 197 crore to 700 units at the MSME conference.
भोपाल में आयोजित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों के सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योजना के तहत 700 MSME इकाइयों को सिंगल क्लिक से 197 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन सहायता राशि वितरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासन की नवीन स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 63 स्टार्टअप्स को ईआईआर सहायता योजना के तहत सालाना 1.20 लाख प्रति स्टार्टअप की दर से एक करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए।
राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। यह वर्ष हम निवेश और रोजगार वर्ष के रूप में मना रहे हैं। हम आज हमारी युवा शक्ति, हमारे सपनों और अपने सुनहरे भविष्य में निवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यम क्रांति योजना ने प्रदेश के हजारों युवाओं को बैंकिंग सहायता देकर उद्योग शुरू करने का हौसला दिया है। अब हमारे युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। आप सभी देश का कोष भरते हैं। रोजगार के अवसर देते हैं और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करते हैं। दीपावली से पहले इस मंच पर नये भारत के निर्माण की रोशनी फैली है। उन्होंने कहा कि आज का यह सम्मेलन औद्योगिक कार्यक्रम नहीं बल्कि नए भारत के दीपोत्सव का शुभारम्भ है। यह सम्मेलन विश्वास और स्वाभिमान का उत्सव है।
237 एमएसएमई उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र भी प्रदान किए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 237 एमएसएमई उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र भी प्रदान किए, जिससे उन्हें उद्योग स्थापना में सुगमता होगी। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 5084 युवाओं को 347 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक ऋण सहायता राशि भी वितरित की।
700 MSME इकाइयों को 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए है कि आज 700 MSME इकाइयों को 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 5 हजार 84 युवाओं को 347 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उद्यमियों को शुभकामनाएं देकर कहा कि ईश्वर करे आप सबका उद्योग खूब फले-फूले और आप आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का आधार बनें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भारत की लगभग 80 करोड़ से अधिक आबादी किसी न किसी रूप में एमएसएमई से जुड़ी हुई है। यह विशाल आंकड़ा है। आप करोड़ों परिवारों की आशा, आत्मसम्मान और स्वावलंबन का आधार हैं। भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग कई देशों की जनसंख्या को रोजगार देने की क्षमता रखते हैं, बड़ी संख्या में रोजगार सृजन एमएसएमई के माध्यम से होता है। एमएसएमई पूरे देश का उदर पोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी रोजगार के सबसे बड़े निर्माता हैं। गांव, कस्बे और शहर हर जगह लघु उद्योग लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं, स्वावलंबी बना रहे हैं।
लघु उद्योगों का बड़ा योगदान
भारत में 6 करोड़ से अधिक MSME हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत योगदान करते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें लघु उद्योगों का बड़ा योगदान है। माहेश्वरी साड़ी, सीहोर का शरबती गेहूं, रायसेन का बासमती चावल, भोपाल की जरी, झाबुआ की गुड़िया, डिंडौरी का श्रीअन्न अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड बनने की क्षमता रखते हैं। यह हमारी विरासत और लघु उद्योगों की शक्ति है।
उद्योगों को 800 से अधिक भू-खण्ड उपलब्ध कराए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष उद्योगों को 800 से अधिक भू-खण्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। 19 नए औद्योगिक क्षेत्र बनाए जा रहे हैं और 10 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रदेश में “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” के तहत 50 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के बैकों के माध्यम से दिया जा रहा है। उद्योग लगाने वाले युवाओं को हम जमीन और पूंजी दोनों उपलब्ध करा रहे हैं। डिजिटल रिटर्न की व्यवस्था से अब फाइलिंग आसान हो गई है। जीएसटी ने हमारे उद्योगों को एक नई पहचान दी है। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बालाघाट और टीकमगढ़ जिले के लघु उद्यमियों से चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित किया। साथ ही सम्मेलन स्थल में मौजूद भोपाल जिले के उद्योगपतियों और नव उद्यमियों से भी आत्मीय संवाद किया। सम्मेलन में विभागीय आयुक्त श्री दिलीप कुमार, अन्य विभागीय अधिकारी, उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विभिन्न उद्योग संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।
