कोरोना वायरस का खौफ: शादी करने परिवार के साथ मंदसौर पहुंची चीनी दुल्हन, स्वास्थ्य अमला सतर्क

कोरोना वायरस का खौफ: शादी करने परिवार के साथ मंदसौर पहुंची चीनी दुल्हन, स्वास्थ्य अमला सतर्क

मंदसौर। इन दिनों दुनियाभर में चाइना से फैल रहे कोरोना वायरस का डर बना हुआ है। ऐसे में चीन की जीहाओ वांग शुक्रवार को अपने पिता शीबो वांग, मां जिन गुआन, मौसी और उनकी बेटी के साथ मंदसौर पहुंचीं। वे रविवार को यहां सत्यार्थ मिश्रा के साथ सात फेरे लेंगी। इससे पहले शनिवार को महिला संगीत होगा। इधर, चीनी मेहमानों को लेकर स्वास्थ्य अमला सतर्क हो गया है। अधिकारी लगातार स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं।

मंदसौर जनपद पंचायत के पीछे बने सरकारी क्वार्टर में रहने वाले वेद मिश्रा व ज्योति के बेटे सत्यार्थ ने 6 साल पहले मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए चीन के डिजियोंग शहर के शेरेडन कॉलेज में दाखिला लिया था। जीहाओ वांग वहां मेकअप आर्टिस्ट का कोर्स करने आई थीं। जीहाओ को अंग्रेजी नहीं आने पर सत्यार्थ उनकी मदद करते थे। दोनों के बीच प्यार हो गया। एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों परिवार ने इस शादी को इजाजत दे दी।

कोरोना के चलते सिर्फ 5 लाेगों को मिली अनुमति
विवाह के लिए दुल्हन के चाचा व चाची भी आने वाले थे लेकिन कोरोना वायरस के चलते ज्यादा लोगों को भारत आने की अनुमति नहीं मिली। दिल्ली एयरपोर्ट पर सभी की मेडिकल जांच हुई। उसके बाद भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई। भारत में विवाह की बात पर जीहाओ के पिता शीबो वांग व वेद मिश्रा ने कहा कि बच्चों की खुशी में हमारी खुशी है।

परिवार से संपर्क कर निगाह रखे हुए हैं
मंदसौर प्रभारी सीएमएचओ ने बताया कि जहां यह उतरे हैं, वहीं पूरी मेडिकल जांच की गई है। सबकुछ सही होने के बाद भारत सरकार इन्हें प्रवेश की अनुमति देती है। इसके बाद भी परिवार से संपर्क कर निगाह रखे हुए हैं। किसी की भी तबीयत खराब होती है तो तत्काल जांच की जाएगी। स्वास्थ्य अमला पूरी तरह से तैयार है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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