भोपाल में ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ संगोष्ठी में सीएम मोहन यादव ने दिलाया स्वदेशी अपनाने का संकल्प, कहा ‘यही है सच्चा राष्ट्रप्रेम और सेवा’

मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी में उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई कि वे स्वदेशी भाव से जुड़े रहकर सदैव स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा “मैं संकल्प करता हूं कि अपने देश को समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करूंगा।”
CM Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और इसके प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग ही अपने देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के बीच MoU का आदान-प्रदान किया गया। इस एमओयू का उद्देश्य नागरिकों में स्वदेशी की भावना को जाग्रत कर देश को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए संयुक्त अभियान चलाना है।

‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ विषय पर संगोष्ठी

भोपाल में ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का जो अभियान चल रहा है, उसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि’हमारी सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को निरंतर प्रोत्साहन दे रही है। हम सभी उद्योगों को समान दृष्टि से देखते हुए प्रदेश की समृद्धि और युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी अपनाने का आह्वान

सीएम ने सभी लोगों से स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हम इस तरह अपने देश और प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने स्वदेशी स्वावलंबन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिभा के आधार पर हमारा देश हमेशा से आगे बढ़ा है। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रोजगार आधारित उद्योगों को राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि आदिकाल से हमारे गांव आत्मनिर्भरता के प्रतीक रहे हैं, और यह आत्मनिर्भरता हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है और हमें इस परंपरा को आगे बढ़ाना है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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