कांग्रेस ने लगाया MP के सरकारी गोदामों से 86 हजार क्विंटल गेहूं ‘चंपत’ होने का आरोप, उमंग सिंघार ने सरकार से मांगा हिसाब

नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से जवाब मांगते हुए कहा कि किसानों से खरीदा गया अनाज आखिर कहां गया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों और किसानों के सामने इस पूरे मामले का हिसाब दे और जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय करे।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के सरकारी गोदामों में गेहूं के स्टॉक को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे गए गेहूं के सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के मिलान में पूरे प्रदेश में करीब 86 हजार क्विंटल गेहूं का अंतर सामने आया है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से हिसाब मांगा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन मई महीने में समाप्त हो चुका है। इसके बाद जब सरकारी रिकॉर्ड का गोदामों में उपलब्ध गेहूं से मिलान किया गया तो पूरे प्रदेश में करीब 86 हजार क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सागर और जबलपुरजिलों के सरकारी गोदामों में सबसे अधिक अंतर पाया गया, जबकि ग्वालियर जिले में भी 250 क्विंटल गेहूं की कमी सामने आई है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने कहा कि ‘मध्यप्रदेश के गोदामों से ’86 हजार क्विंटल गेहूं हुआ चंपत’! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रदेश में MSP पर खरीदे गए 86 हजार क्विंटल गेहूं का कोई पता नहीं है।’ उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश में पहले फर्जी किसानों और पटवारियों की मिलीभगत से गेहूं खरीदी में अनियमितताओं के मामले सामने आए थे और अब सरकारी गोदामों से गेहूं गायब होने का मामला पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा गया अनाज ही सुरक्षित नहीं है, तो इससे सरकारी खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं। कांग्रेस नेता ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि किसानों के हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार बताए कि सरकारी गोदामों से गेहूं आखिर कहां गया और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

गेंहू को लेकर कई अनियमितताओं के आरोप

कांग्रेस का यह आरोप ऐसे समय में आया है जब इस साल रबी सीजन की MSP खरीद के बाद कई जिलों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जबलपुर के मजहोली ब्लॉक में 5,168 क्विंटल गेहूं गायब मिला जिसकी कीमत करीब 1.35 करोड़ रुपये है और इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सागर में 600 बोरियों में गेहूं की जगह मिट्टी निकलने का फर्जीवाड़ा सामने आया। नर्मदापुरम के सिवनीमालवा गोदाम से 800-900 क्विंटल गेहूं गायब होने का मामला भी दर्ज हुआ है। मुरैना, भिंड और राजगढ़ जैसे जिलों में फर्जी किसान रजिस्ट्रेशन और दूसरे राज्यों से सस्ता गेहूं लाकर एमएसपी पर बेचने के आरोप भी लगे हैं, जिनकी जांच प्रशासन कर रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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