उपचुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल के दामों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस, आंदोलन का ऐलान

उपचुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल के दामों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस, आंदोलन का ऐलान

भोपाल| उपचुनाव (Byeelection) से पहले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस (Congress) ने भाजपा सरकार (BJP Government) को घेरने की रणनीति बना ली है| इस बार मुद्दा पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि का है| कांग्रेस 24 जून से पूरे प्रदेश में जिला/ शहर, ब्लाक मुख्यालयों पर आंदोलन करेगी| इस बात का ऐलान कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया| प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने (Kamalnath) जिला, ब्लाक अध्यक्षों को इसके निर्देश दिए हैं|

कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल 1 जून को 77.56 रूपये और डीजल 68.27 प्रति लीटर मिल रहा था। वहीं आज पेट्रोल 87.16 रूपये और डीजल 78.33 रूपये प्रति लीटर में मिल रहा है। 22 जून तक 16 दिन में पेट्रोल पर 8.30 रूपये और डीजल के दामों में 9.46 रूपये प्रतिलीटर की बढोत्तरी कर जनता के जेब पर डांका डाला जा रहा है। कांगे्रस इस बढोत्तरी के विरोध में पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर केंद्र और प्रदेश सरकार से इस बढोत्तरी को वापस लिये जाने की मांग करेगी। यह निर्णय प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ जी ने लिया है।

नरेन्द्र सलूजा, मीडिया समन्वयक ने बताया कि पूर्व सीएम ने पेट्रोल-डीजल में हो रही वृद्धि पर चिंता व्यक्त कर प्रदेश के सभी जिला/ शहर कांगे्रस कमेटी के अध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे कांगे्रस के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं, मोर्चा संगठनों एवं कांगे्रस पक्ष के समस्त जनप्रतिनिधियों के साथ बुधवार 24 जून को पूर्वान्ह 11 बजे अपने जिला/ शहर एवं ब्लाक मुख्यालयों पर पेट्रोल-डीजल में निंरतर हो रही वृद्धि के जनविरोधी निर्णय का पुरजोर तरीके से विरोध करें। प्रदेश कांगे्रस के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने उक्त आशय का पत्र सभी जिला/ शहर एवं ब्लाक कांगे्रस अध्यक्षों को जारी किया है।

कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता कोरोना महामारी का दंश झेल रही है, पिछले तीन महिने से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप्प पड़ी हैं, लोगों के काम-धंधे पूरी तरह बंद हैं, प्रदेश की जनता, मजदूर वर्ग, हाथ ठेले वाले, गुमटी वाले, फेरी लगाने वाले, छोटे दुकानदार आदि सभी अपना रोजगार और व्यापार सब कुछ गंवा कर तीन महीनों से घरों में बैठे हैं, इस कारण वे और अधिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और केंद्र और प्रदेश सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के बेतुके फैसलों से उन्हें और अधिक संकट झेलने पर विवश होना पड़ रहा है और केंद्र और राज्य सरकारंे पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाकर मुनाफा कमाने में लगी हुई हैं। इससे जनता पर महंगाई की मार पड़ रही है।

आंदोलन के दौरान मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
आज जारी पत्र में इस बात का उल्लेख भी है कि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल-डीजल पर वृद्वि के अतिरिक्त अन्य सभी तरह की महंगाई एवं प्रवासी मजदूरों व क्षेत्रीय लोगों के रोजगार का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाए। साथ ही प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन भी अवश्य किया जाये।

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