राजधानी में फिर कोरोना ब्लास्ट, बुधवार को 199 नए मरीज मिलने से हड़कंप

राजधानी में फिर कोरोना ब्लास्ट, बुधवार को 199 नए मरीज मिलने से हड़कंप

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

राजधानी में एक बार  फिर कोरोना की रफ्तार में तेजी आई है। बुधवार को भोपाल (bhopal) में कोरोना के 199 नए पॉजिटिव (corona positive) मरीज मिले हैं। इसी के साथ अब भोपाल में कुल संक्रमित मरीजों की तादाद 8885 पहुंच गई है जिनमें से 7059 मरीज ठीक हो चुके हैं वहीं 250 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है।

बुधवार को आई रिपोर्ट में एमपीईबी कॉल सेंटर ऑफिस गोविंदपुरा से 7 लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। पुलिस लाइंस गोविंदपुरा से 4 लोगो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।आईटीबीपी कान्हा सैय्या से 5 लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं वहीं मैनिट हॉस्टल टीटीनगर से 8 छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एम्स से दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, शाहजहानाबाद पुलिस स्टेशन से 1 जवान संक्रमित पाया गया और पुलिस कंट्रोल रूम से 2 लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। एमपीईबी ऑफिस से 4 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो बिजली कालोनी ऑफिस से तीन लोग संक्रमित निकले हैं। सीआरपीएफ बंगरसिया से 8 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और ईएमई सेंटर से तीन लोग पॉजिटिव है। 25 वी बटालियन से 1 जवान संक्रमित निकला है और जेपी से एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं अरेरा कालोनी से एक ही परिवार के तीन लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। भोपाल में रोजाना करीब 2 हजार सेंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन अब भी रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ये भी संक्रमण फैलने की बड़ी वजहों में से एक है, क्योंकि जब तक रिपोर्ट आती है तब तक संक्रमित व्यक्ति और लोगों के संपर्क में आ चुका होता है। इसी के साथ लोग अब सोशल डिस्टेंसिंग औ मास्क लगाने में भी लापरवाही करने लगे हैं और इसी का नतीजा है कि कोरोना के मरीजों में फिर बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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