Coronavirus In Bhopal: सावन के पहले सोमवार विस्फोट, 51नए कोरोना पॉजिटिव

Coronavirus In Bhopal: सावन के पहले सोमवार विस्फोट, 51नए कोरोना पॉजिटिव

भोपाल।
लॉक डाउन को अनलॉक करने के बाद मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।आज सोमवार को फिर राजधानी में कोरोना के 51 नए मरीज मिले है।इसमें श्रमोदय विद्यालय मुगलिया छाप से 8, माता मंदिर से क्षेत्र से 4,राजीव नगर क्षेत्र से 4,विद्या नगर से 3 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।वही जीएमसी की एक महिला और एलबीएस हॉस्पिटल से जुड़े दो लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए है।

इससे पहले रविवार को 61 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई और चार लोगाें की कोरोना के कारण मौत हो गई। इसमें  कोरोना पॉजिटिव मरीजों के डाटा कलेक्शन का काम करने के लिए तैनात किए गए एक एएसएलआर (सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख) की रिपोर्ट भी  पॉजिटिव आई है। इसके बाद शहर सर्किल का दफ्तर सील कर दिया गया है। पूरे दफ्तर को सैनिटाइज करवाया गया है। वहीं इनके संपर्क में आए करीब 12 कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर उनके सैंपल लिए गए हैं। कुछ के सैंपल आज सोमवार को लिए जाएंगे।

भोपाल में अब मौत का आंकड़ा 109 और संक्रमितों की संख्या 3 हजार के पार पहुंच चुकी है। करीब ढाई हजार लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं, जबकि 500 से अधिक एक्टिव केस हैं।  पिछले 24 घंटे में 300 से अधिक नए मरीज सामने आये हैं। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा 15 हजार के पास 14930 तक पहुंच गया है। रविवार को कुल 336 नए प्रकाण सामने आए।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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