दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, कहा- “नहीं बचेगी सरकार”, कमलनाथ दे सकते हैं इस्तीफा

दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, कहा- “नहीं बचेगी सरकार”, कमलनाथ दे सकते हैं इस्तीफा

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ आज फ्लोर टेस्ट से पहले अपना इस्तीफा दे सकते हैं। दोपहर 12 बजे बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम इस्तीफा दे सकते हैं। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा है कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सरकार के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है और ऐसे में देखना होगा कि अब क्या होता है।

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक नाट्यक्रम का क्लाइमेक्स आज होने की संभावना है। गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार यानी आज फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिये गए जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही में फ्लोर टेस्ट के लिये आज दोपहर 2 बजे का समय तय किया गया है। लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार के पास बहुमत का आंकड़ा होने पर शक जताया है और कहा है कि अब ये सीएम कमलनाथ के ऊपर है कि वे इस्तीफा दें या फ्लोर टेस्ट कराएं। दिग्विजय सिंह ने बीजेपी आरोप पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाने का आरोप लगाया है। आपको बता दें कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास सिर्फ 99 विधायक बचे हैं, जबकि बहुमत साबित करने के लिये उसके पास 104 का आंकड़ा चाहिए। दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद ये संभावना बढ़ गई है कि सीएम कमलनाथ आज दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना इस्तीफा दे सकते हैं।

दरअसल गुरूवार देर रात स्पीकर द्वारा कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिये जाने के बाद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन्हीं विधायकों को मनाने के लिये दिग्विजय सिंह बेंगलुरू पहुंचे थे और उन्होने विधायकों से मिलने के लिये कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से लेकर धरने और भूख हड़ताल पर बैठने तक सारे तरीके आज़मा लिये, लेकिन उनकी मुलाकात बागी विधायकों से नहीं हो पाई। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने विधायकों को कुरियर से पत्र भी भेजा था, लेकिन उस पत्र का जवाब नहीं आया बल्कि स्पीकर द्वारा इस्तीफे मंजूर कर लिये गये। विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिये जाने के बाद कांग्रेस सरकार गंंभीर संकट में घिर गई है और अब दिग्विजय सिंह ने भी ये फैसला सीएम कमलनाथ पर फैसला छोड़ दिया है कि वो इस्तीफा दें या फ्लोर टेस्ट का सामना करें।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews