बिजली विभाग ने चेताया, 5 अप्रैल की रात कैसे बंद करें बिजली

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भोपाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 5 अप्रैल की रात 9:00 बजे 9 मिनट के लिए घर में अंधेरा कर दीपक, मोमबत्ती या मोबाईल टार्च जलाने के आह्वान के बाद मध्य प्रदेश विद्युत मंडल अभियंता संघ ने लोगों को कुछ टिप्स दिए हैं कि वे कैसे बिजली बंद करें ताकि ग्रिड से पावर सिस्टम फेल ना हो जाए। दरअसल पूरे देश में इस समय 1100000 मेगावाट की अधिकतम मांग चल रही है और यदि एकाएक पूरी विद्युत बंद की जाती है तो इसका पूरा भार ग्रिड पर पड़ेगा और टोटल बिजली फेल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता ।

इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने सूचित किया था कि तकनीकी रूप से ऐसा होने से ग्रिड में गड़बड़ी आ सकती है, इसलिए पावर सिस्टम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई है जिसमें बिजली को कैसे बंद किया जाए इसकी विस्तृत जानकारी दी गई है। मध्य प्रदेश में सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि रात 9:00 बजे केवल लाइटिंग लोड ही बंद करें और अन्य उपकरण जो अंदर चलते हैं जैसे फ्रिज, हीटर ,ओवन या अन्य उपकरण उन्हें चलने दें ताकि लाइटें बंद होने से ग्रिड पर ज्यादा प्रभाव ना पड़े। 9 मिनट बाद भी लाइटों को धीरे धीरे शुरू किया जाए ताकि ग्रिड सुरक्षित रहे।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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