पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा की जयंती पर विधानसभा में श्रद्धांजलि सभा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया नमन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वर्गीय सकलेचा का जनसेवा और विकास का दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
CM Dr. Mohan Yadav paid tribute

CM Dr. Mohan Yadav paid tribute

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता रहे स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सकलेचा की जयंती पर बुधवार को राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा के सेंट्रल हॉल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सकलेचा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राजनीतिक व सामाजिक योगदान को स्मरण किया।

विधानसभा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री के सुपुत्र एवं जावद क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश सकलेचा, राजकुमार सकलेचा और विजय कुमार सकलेचा भी उपस्थित रहे। साथ ही कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, विष्णु खत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों, विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सकलेचा की जयंती पर किया नमन 

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सकलेचा ने अपने राजनीतिक जीवन में संगठन और प्रशासन दोनों स्तरों पर उल्लेखनीय कार्य किए। विशेष रूप से मालवा-नीमच अंचल के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसे प्रदेश आज भी स्मरण करता है।

सीएम ने दी होली की शुभकामनायें 

होली पर्व के उल्लास के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक सौहार्द का भी वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई नेता गुलाल से रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वर्गीय सकलेचा का जनसेवा और विकास का दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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