सरकार के विनियोग बजट पर बोले पूर्व मंत्री- छोटे दुकानदारों के लिए कुछ नहीं

सरकार के विनियोग बजट पर बोले पूर्व मंत्री- छोटे दुकानदारों के लिए कुछ नहीं

भोपाल।

प्रदेश सरकार (State Government) द्वारा कोरोना (Corona) काल मे आर्थिक जरूरतों को पूरा करने विनियोग बजट (Investment Budget) लाया गया है। सरकार द्वारा लाग गया यह बजट 2 लाख 5 हज़ार 397 करोड़ रुपए का है, इस बार बजट में पिछली बार के मुकाबले 28208 करोड़ का कम प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश में सरकार बदलने के चलते समय पर बजट नहीं आ पाया था, लॉकडाउन के चलते सरकार द्वारा खर्चों के लिए लेखानुदान (Vote On Account) पारित किया था। जुलाई में विधानसभा (Vidhansabha) का सत्र होना था लेकिन कोरोना के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। जिसके बाद अब अध्यादेश के जरिए बजट लाया गया है।

वहीं कल प्रदेश सरकार द्वारा लाए विनियोग बजट को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सवाल उठाए है। उन्होंने कहा, कोरोना लगातार बढ़ता रहा पर प्रदेशबसरकार बजट लेकर नहीं आ पाई। उन्होंने कहा 28 हज़ार करोड़ रुपए का यह बजट पिछली बार की तुलना में कम है। उन्होंने कहा स्वास्थ्य सेवाओं में बजट 50 करोड़ कम है। कोरोना काल मे अस्पताल बढ़ाने है कोरोना की टेस्टिंग बढ़ानी है इसके लिए स्वास्थ्य का बजट सरकार को बढ़ाना था।

वहीं उन्होंने कहा समाज कल्याण विभाग का 500 से 600 करोड़ रुपए का बजट भी कम कर दिया है। उन्होंने कहा इस बजट में गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। छोटे दुकानदार गुमठी और ठेले वालो को क्या सहायता दी जाएगी सरकार ने वह नहीं बताया। पूर्व मंत्री ने कहा, मुख्यमंत्री ने छोटे दुकानदार, गुमठी और ठेले लगाने वाले तबके के लोगों को 10 हज़ार रुपए के लोन देने की बात कही थी जो अभी तक किसी को नहीं मिला है। उन्होंने कहा यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है इस बजट की।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews