Ladli Behna Yojana : आज मिलेगा 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को तोहफा, CM जारी करेंगे 34वीं किस्त, खाते में आएंगे 1500-1500 रुपए

सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले से लाड़ली बहना योजना की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। जून 2023 से फरवरी 2026 तक 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।
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मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना पर ताजा अपडेट है। सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार (13 मार्च 2026) को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर घाटीगांव में आयोजित सम्मेलन से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना की 34वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सिंगल क्लिक से जारी की जाएगी। इससे पिछली किस्त 14 फरवरी 2026 को जारी की गई थी।

बता दें कि जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किस्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे अंतरित की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य सरकार ने 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे यह स्पष्ट है कि योजना निरंतर जारी रहेगी।पात्र लाभार्थी अधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ के जरिए अपनी किस्त का स्टेटस चेक कर सकते हैं।

हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच जारी होती है किस्त

आमतौर पर हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच लाड़ली बहना योजना की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक खातों में भेजी जाती है। किस्त जारी होते ही लाभार्थियों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS प्राप्त होता है। ध्यान रखें जिन महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करा रखा है और पात्रता की शर्तों को पूरा करती हैं, उन्हें ही अगली किस्त का लाभ मिलेगा। जिन महिलाओं ने ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं करवाई है, उनकी राशि अटक या रुक सकती है।

लाड़ली बहना योजना के बारे में

  • मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी।
  • वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह (18000 रु सालाना) दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।
  • योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।
  • योजना की शुरुआत में 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया।
  • इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि की गई, जिसके बाद राशि 1250 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए हो गई।
  • इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, 2024 व 2025 में रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की गई।

कौन है योजना के लिए पात्र:

मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो। विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। 21 से 60 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। स्वयं का बैंक खाता होने का साथ बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी सक्रिय होना चाहिए। समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई होना चाहिए।

कौन है योजना के लिए अपात्र:

स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो। जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। ​जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो। स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/ संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो।

लाभार्थी सूची में कैसे चेक करें अपना नाम

  • लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
  • वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
    क्लिक करें।
  • दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
  • कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
  • मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
  • ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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