शासकीय भूमि के प्रबंधन को लेकर सरकार ने बनाई मंत्रियों की समिति

शासकीय भूमि के प्रबंधन को लेकर सरकार ने बनाई मंत्रियों की समिति

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

सरकार ने शासकीय भूमियों के प्रबंधन (राजस्व पुस्तक परिपत्र के अन्तर्गत प्रावधानों एवं नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमण इत्यादि) के संबंध में नीति बनाये जाने के लिये मंत्रि-परिषद समिति का गठन किया गया है।

समिति में वन विभाग मंत्री विजय सिंह, वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवडा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, राजस्व, परिवहन विभाग मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा विभाग मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्य, लघु एवं मद्यम उद्यम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा और सहकारिता, लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद भदौरिया सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव राजस्व समिति के सचिव होंगे।

आबकारी मामलों के लिये भी बनाई समिति
सरकार ने आबकारी मामलों के लिये भी मंत्रि-परिषद समिति का गठन किया गया है। समिति में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवडा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री कु. मीना सिंह मांडवे और पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री प्रेमसिंह पटेल सदस्य बनाये गये हैं। प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर इस समिति के सचिव होंगे

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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