कोरोना से निपटने सरकार ने इंदौर भेजे 102 डॉक्टर

कोरोना से निपटने सरकार ने इंदौर भेजे 102 डॉक्टर

भोपाल| कोरोना से प्रदेश के 22 जिले प्रभावित हो गए हैं। सबसे अधिक खराब हालात इंदौर में है| जहां कुल मरीजों की संख्या 281 हो गई है| इंदौर में अब तक 30 लोगों की मौत हो गई है| बिगागडते हालात को देखते हुए सरकार अतिरिक्त अफसरों की टीम तैनात की है| वहीं शनिवार को सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए 102 चिकित्सकों को इंदौर भेजा है| सभी को तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा गया है|

जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में कोरोना मरीजों की अत्यधिक संख्या के मद्देनजर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 70 बंधपत्र चिकित्सकों एवं 32 नियमित चिकित्सकों को आगामी आदेश तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। इन चिकित्सकों को तत्काल कार्य ग्रहण करने के निर्देश दिये गये हैं।

इंदौर पर दें विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की| मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर की टीम पूरी मेहनत से दिन-रात कार्य कर रही है परन्तु वहां सर्वाधिक प्रकरण होने से मुझे वहां की ज्यादा चिंता है। प्रशासन वहां सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करे, हॉट स्पॉट कड़ाई से सील हों तथा वहां गहन स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य हो। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने निर्देश दिए कि इलाज के लिए हर बेड पर ऑक्सीजन की उपलब्धता हो।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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