कोरोना संकट के बीच सरकार ने लिया 500 करोड़ रुपये का कर्ज

कोरोना संकट के बीच सरकार ने लिया 500 करोड़ रुपये का कर्ज

भोपाल| कोरोना संकट काल के बीच मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने एक बार फिर बाजार से कर्ज लिया है| पिछली सरकार भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए कई बार कर्ज लिया गया| अब शिवराज सरकार ने इस बार तीस माह के लिए पांच सौ करोड़ रुपये का कर्ज लिया है| इसे अक्टूबर 2022 तक चुकाया जाएगा।

प्रदेश सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है| लगातार बाजार से कर्ज लिया जा रहा है| नए कर्ज को मिलकर प्रदेश अभी तक दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज विभिन्न माध्यमों से ले चुका है। बताया जा रहा है कि निर्माण परियोजनाओं को गति देने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाएगा।

प्रदेश में कोरोना के खिलाफ जंग जारी है, इसमें सरकार का काफी फण्ड खर्च होगा| जिसका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पढ़ना तय है, जिसे सुधारने में लगेगा| इस दौरान विकास कार्य न रुके और परियोजनाएं प्रभावित न हो इसके लिए सरकार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के दायरे में रहते हुए कर्ज ले रही है। इसी कड़ी में अब पांच सौ करोड़ रुपये कर्ज लिया गया है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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