प्रदेश के 8.85 लाख श्रमिकों के खातों में सरकार ने ट्रांसफर किये 88.50 करोड़

प्रदेश के 8.85 लाख श्रमिकों के खातों में सरकार ने ट्रांसफर किये 88.50 करोड़

भोपाल| प्रदेश (Madhya Pradesh) के 8 लाख 85 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खाते में सरकार ने 88.5 करोड़ रुपये की राशि जमा की है| राज्य शासन द्वारा अभी तक कुल 184.6 करोड रुपए आपदा सहायता के रूप में प्रदेश के लॉक डाउन प्रभावित श्रमिकों के खातों में अंतरित किये जा चुके हैं। शनिवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 88.5 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्माण श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) के माध्यम से बात करते हुए कहा कि प्रदेश में लॉक डाउन की अवधि पुनः बढ़ाए जाने के कारण निर्माण श्रमिकों को यह राशि दूसरी बार अंतरित की गई है। पहले प्रदेश के समस्त पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को माह अप्रैल की 1000 रूपये प्रति श्रमिक के मान से कुल राशि 88 करोड 50 हज़ार उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।

बाहर फँसे मजदूरों को भी भिजवाई राशि
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश के मजदूर, जो बाहर के राज्यों में फँसे हैं, उन्हें भी 1000 रूपये प्रति मजदूर के मान से कुल राशि 7.6 करोड़ रुपए 76 हजार मजदूरों को अंतरित की गई है। इसके अलावा, हमारे प्रदेश में फँसे अन्य प्रदेशों के मजदूरों को भी सहायता दी गई है।

पूरी सावधानी रखें मजदूर भाई
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मजदूरों से कहा कि वे अपने कार्य-स्थल तथा घर पर पूरी सावधानियाँ रखें। एक-दूसरे से 2 गज की दूरी बनाकर रखें। हाथ ना मिलाएं। गले ना मिलें। मास्क लगाएं। बार बार हाथ धोएं। इधर-उधर ना थूकें। कहीं भी भीड़ इकट्ठी ना करें। आप सभी के सहयोग से हम कोरोना को शीघ्र हराएंगे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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