जांच के नाम पर खानापूर्ति करने की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

जांच के नाम पर खानापूर्ति करने की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

भोपाल

स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल और स्वास्थ्य संचालक विजय कुमार के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे भी बड़ी बात यह है कि स्वास्थ्य अमले के 40 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त फैज अहमद किदवई ने निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री के आधार पर उनकी जिम्मेदारी तय होगी। कोरोना संक्रमण किसने फैलाया प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने के कारणों की जांच करने की बात कही है और उनकी कांटेक्ट हिस्ट्री और इस क्रम की पड़ताल करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। फैज ने यह भी कहा है कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार जानकारी प्राप्त होने पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी । जब तक सभी संबंधित व्यक्ति अपने स्वयं के संपर्कों के क्रम का विवरण नहीं देंगे तब तक निश्चित रूप से कह पाना कठिन है ।

अब सवाल यह पैदा होता है कि क्या जिला प्रशासन, जिसका मुख्य कलेक्टर होता है, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी की जांच कर पाएंगे । प्रारंभिक तौर पर देखने से यह साफ पता चलता है कि पल्लवी जैन गोविल 28 मार्च को ही कोरोना के लक्षणों से पीड़ित थीं।बावजूद इसके उन्होंने मुख्यमंत्री की कई बैठकों में भाग लिया। इतना ही नहीं सतपुड़ा भवन के एक हॉल में बने कंट्रोल रूम में भी, जहां लगभग 20 से 25 कर्मचारी अधिकारी बैठते थे, वह लगातार लोगों से बैठक करती रही और सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा। हद तो तब हो गई जब कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उन्होंने अपने निवास पर 6 कर्मचारियों को बुलाकर सीएम के साथ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की और उसमें यह दावा किया कि उन्हें कोई बीमारी नहीं है, जबकि पूरा विश्व जानता है इस समय कोरोना से बड़ी कौन सी बीमारी है। इसके बावजूद भी पल्लवी जैन गोविल डेढ़ दिन तक अपने सरकारी आवास में ही रही जिसके चलते आसपास के क्षेत्र में रहने वाले कई आईएएस, आईपीएस अधिकारियों की जान पर बन आई है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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