किसानों को लेकर गृह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का बडा ऐलान

किसानों को लेकर गृह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का बडा ऐलान

भोपाल।लॉकडाउन (lockdown)के बीच मध्य प्रदेश (madhypradesh)के गृह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Home and Health Minister Dr. Narottam Mishra) ने किसानों (farmers)को बड़ी राहत दी है। मंत्री मिश्रा ने किसानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है।मंत्री मिश्रा ने किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से 0% ब्याज की सुविधा को पुन शुरू करने का ऐलान किया है। जिसके बाद अब किसान बैंक जाकर सीधा लोग ले सकेंगे।

दरअसल, मंत्री मिश्रा ने बताया कि किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से 0% ब्याज की सुविधा पुन: शुरू करने का फैसला किया है। इस सुविधा के बाद अब किसान बैंक जाकर लोन ले सकते हैं। इस दौरान मिश्रा ने पिछली सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि कमलनाथ सरकार ने भ्रम फैलाया था कि बैंक बर्बाद हो गये हैं, लेकिन सच्चाई सबके सामने है।कांग्रेस भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही थी कि सहकारिता बैंक पैसा काट रहे है। ये सरकार वो सरकार है जो तत्काल 0 %ब्याज पर पैसा दे रही है। कांग्रेस सरकार ने  0%ब्याज बंद कर दिया था, लेकिन सीएम शिवराज ने फिर इसे चालू कर दिया है, अब बैंक पैसा लें न लें आपको पैसा जरुर मिलेगा।

बता दे कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद ही शिवराज सरकार की किसानों 0% योजना को बंद कर दिया था, कमलनाथ सरकार ने ऋण माफी योजना लेकर आई थी।लेकिन अब एक फिर प्रदेश में बीजेपी सरकार आने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना को वापस चालू कर दिया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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