इंदौर दूषित पेयजल मामला : जीतू पटवारी ने घटना को बताया ‘सिस्टम का अपराध, दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग

उन्होंने कहा कि पहले से शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, सिर्फ निलंबन की कार्रवाई की बजाय सख्त कदम उठाने और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले स्वास्थ्य संकट को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को महज़ दुर्घटना नहीं, बल्कि “सिस्टम का अपराध” करार दिया है। इसी के साथ उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और पीड़ितों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस पानी से जीवन मिलता है, वही जब मौत का कारण बन जाए तो यह प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि शिकायतें पहले से थीं और चेतावनियां भी दी गई थीं, इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

जीतू पटवारी ने सरकार पर उठाए सवाल

जीतू पटवारी ने कहा है कि पिछले 11 दिनों में 18 ज़िंदगियां खत्म हो गई.. 400 से अधिक लोग इलाज करवा रहे हैं, फिर भी भाजपाई सिस्टम संवेदनाहीन है। उन्होंने कहा कि जिस शहर को सबसे स्वच्छ होने का तमगा मिला, उसी में शौचालय का पानी लोगों को पिला दिया गया। उन्होंने सवाल उकिया है कि यह कैसी स्वच्छता है और यह कैसा शासन प्रशासन है जहां लोगों को शैचालय का पानी पिला दिया जाता है और फिर मामले पर सही कार्रवाई करने की बजाय कुछ को निलंबित कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेती है।

आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि भागीरथपुरा के लोग भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीज तड़प रहे हैं, घरों में मातम पसरा है और नगर निगम की जवाबदेही शून्य नजर आ रही है। उन्होंने 25 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने लंबे शासन के बावजूद बुनियादी सुविधा जैसे सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न करा पाना गंभीर विफलता है। जीतू पटवारी ने सरकार से मांग की है कि जिन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की लापरवाही से यह जहरीला पानी घर-घर पहुंचा, उन सभी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए.. सिर्फ निलंबन तक कार्रवाई सीमित न रहे। इसके साथ ही मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा, दोषियों के इस्तीफे और सख्त सजा की मांग भी की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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