उमंग सिंघार ने इंदौर में दूषित भूजल का मुद्दा उठाया, CGWB रिपोर्ट के हवाले से सरकार को घेरा, मुख्यमंत्री से तत्काल संज्ञान लेने की मांग

अभी बहुत दिन नहीं हुए जब देश में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब पाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल को लेकर बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया था। कांग्रेस ने कहा है कि अब एक बार फिर उसी तरह का खतरा मंडरा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इंदौर में भूजल प्रदूषण के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रचारित किए जाने वाले इंदौर में भूजल की स्थिति चिंताजनक है और रिपोर्ट ने सरकार के विकास मॉडल की वास्तविकता उजागर कर दी है।

कांग्रेस नेता ने कहा है कि यह सिर्फ जल प्रदूषण का मामला नहीं बल्कि लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका आरोप लगाया कि जिन विभागों की जिम्मेदारी सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, उनकी लापरवाही के कारण लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

उमंग सिंघार ने केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर उठाए सवाल

उमंग सिंघार ने कहा है कि केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार इंदौर के कई क्षेत्रों के भूजल में सीवरेज का प्रभाव पाया गया है। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा और महावीर नगर सहित पांच इलाकों में लिए गए नमूनों में बड़ी संख्या में फीकल कोलीफॉर्म (Faecal Coliform) बैक्टीरिया की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो मलजनित प्रदूषण का संकेत है। ऐसे बैक्टीरिया की उपस्थिति भूजल को पीने योग्य नहीं रहने देती और डायरिया, टाइफाइड तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ाती है।

मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि रिपोर्ट में नर्मदा जलापूर्ति नेटवर्क पर भी संभावित खतरे की आशंका जताई गई है। इससे यह सवाल उठता है कि नगर निगम, जल संसाधन विभाग और अन्य जिम्मेदार एजेंसियां वर्षों से क्या कर रही थीं। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार मूलभूत समस्याओं के समाधान के बजाय शहर की उपलब्धियों के प्रचार में अधिक व्यस्त रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कुछ समय पहले दूषित पानी से बड़े पैमाने पर बीमारी फैली थी और इस मुद्दे को लेकर देशभर में इंदौर सहित पूरे प्रदेश की किरकिरी हुई थी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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