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झुर्रियों से भरे चेहरे जीवन के अनुभवों का खज़ाना समेटे होते हैं। वो हाथ जो आज कांप रहे हैं..कभी वो हमारा सबसे मज़बूत सहारा रहे हैं। वो कंधे जो अब झुकने लगी है..किसी समय उन्हीं पर सिर टिकाकर बेफिक्र सोया करते थे। आज हम बात कर रहे हैं हमारे बुजुर्गों की। अक्सर इस भागमभाग वाले जीवन हमारे बुजुर्ग सबसे ज़्यादा अकेले और अनदेखे रह जाते हैं। ऐसे में हर साल 1 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सम्मान और देखभाल और प्यार उनकी सबसे पहली ज़रूरत है।
हमारे बुजुर्गों के पास जीवन के अनुभवों का खजाना है। उनके संघर्षों और प्रेम से हमारी जिंदगी को आकार दिया और वे आज भी हमारे समाज का आधार हैं। इसीलिए ज़रूरत है कि हम अपने बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें और उनके साथ कुछ अच्छा वक्त बिताएं। आज अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान गढ़ रहा है और यहां वृद्धजनों को मिल रहा पूरा मान-सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि समग्र सामाजिक पेंशन योजना के तहत प्रदेश के 15.75 लाख से ज्यादा वृद्धजनों को नियमित रूप से पेंशन मिल रही है।
क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसे मनाने का मुख्य कारण बुजुर्गों की भूमिका को पहचानना, उनकी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करना है। यह दिन हम सभी को वृद्धावस्था से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक करने, उनके लिए सामाजिक रूप से बेहतर माहौल तैयार करने राजनीतिक इच्छाशक्ति के ज़रिए बेहतर संसाधनों को जुटाने और उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। यह वैश्विक स्तर पर बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
जानिए इस दिन का इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुरुआत 14 दिसंबर 1990 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की थी। यह फैसला उनके एक प्रस्ताव resolution 45/106 के तहत लिया गया। इसके पहले, 1982 में विश्व वृद्धावस्था सम्मेलन हुआ जहां Vienna International Plan of Action on Ageing बनाया गया। इसे संयुक्त राष्ट्र ने समर्थन दिया था। 1991 में, एक और प्रस्ताव के जरिए UN Principles for Older Persons को अपनाया गया जिसमें बुजुर्गों की स्वतंत्रता, सम्मान और देखभाल पर जोर दिया गया। यह दिन दुनियाभर में बुजुर्गों के मुद्दों को समझने और उनके लिए बेहतर कदम उठाने का एक अहम प्रयास है।
अपने बुजुर्गों के लिए बनाएं सुंदर सुविधाजनक माहौल
यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे बुजुर्ग समाज का अनमोल हिस्सा हैं। कई बार ये धारणा बन जाती है कि इस उम्र में उनकी उपयोगिता नही रह गई है। लेकिन ध्यान से देखें तो पाएंगे कि वे व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से हमारे लिए बेहद उपयोगी हैं। उनके पास जीवन के ऐसे अनमोल अनुभव हैं जो हमें कठिन से कठिन स्थिति में भी राह दिखा सकते हैं। वे एक मज़बूत छत हैं जो हमारे घरों के बच्चों को सही संस्कार और परवरिश देने में मदद कर सकते हैं। उनकी कहानियां, अनुभव और प्यार हमें सही रास्ता दिखाते हैं। इसलिए सिर्फ आज का दिन ही नहीं बल्कि हर दिन हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए और प्यार से उनकी देखभाल करनी चाहिए। उन्हें ऐसा माहौल देना चाहिए जिसके वे सचमुच हकदार हैं। आज के दिन हम सब मिलकर ये संकल्प ले सकते हैं कि उनके लिए एक ऐसा संसार बनाएं, जहां उनकी मुस्कान हमेशा खिलती रहेगी।
मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में गढ़ता नये कीर्तिमान
वृद्धजनों को मिल रहा पूरा मान-सम्मानअंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सभी वृद्धजनों को हार्दिक शुभकामनाएं!
@DrMohanYadav51 #InternationalDayOfOlderPersons #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/CBjdhshysb
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) October 1, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

