जयस ने सीएम डॉ. मोहन यादव को लिखा पत्र, 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर मध्यप्रदेश में सार्वजानिक अवकाश घोषित करने की मांग

पत्र में ये मांग भी की गई है मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य 89 ब्लॉक तथा अन्य चयनित आदिवासी क्षेत्रों के लिए 10-10 लाख रुपए की राशि आवंटित की जाए। साथ ही ये भी लिखा है कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश में शासकीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाए।
JAYAS

JAYS wrote a letter to CM Dr. Mohan Yadav : जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने सीएम डॉ मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा घोषित 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर मध्यप्रदेश में सार्वजानिक अवकाश घोषित करने और इस दिन कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रदेश के 89 ब्लॉक को 10-10 लाख की राशि आवंटन करने की मांग की है।

जयस द्वारा लिखा गया पत्र

जयस ने अपने पत्र में लिख है कि ‘विषयान्तर्गत निवेदन है कि भारत का हृदय प्रदेश आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है जिसमें 3 करोड़ से अधिक आदिवासी रहते है। आदिवासियों की अनोखी सांस्कृतिक एकता तथा जल, जमीन और जमीन को बचाने की भावना उन्हे दुनिया में विशेष बनाती है उनका प्रकृति के बीच जुड़ाव अविश्वनीय है। विगत वर्षों में आदिवासियों के अस्तित्व और अस्मिता को भारी नुकसान हुआ है दुनियाभर में चिंता का विषय बना था जिसके संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की आम सभा में 23 दिसंबर 1994 को पारित प्रस्ताव क्रमांक 49/214 के तहत प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस (द इंटरनेशनल डे ऑफ द वर्ल्ड इंडीजीनस पीपल्स) के रूप में घोषित किया था जिसे समूचे भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है।’

‘संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 9 अगस्त को भारत देश में विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने का वास्तविक उद्देश्य आदिवासियों का सांस्कृतिक संरक्षण, आदिवासी समाज के मानव अधिकारों का संरक्षण, उनके जल, जंगल तथा खनिज संपदा के अधिकार सुरक्षित रहें तथा अस्मिता, आत्मसम्मान उनकी कला-संस्कृति के लिखित अस्तित्व का इतिहास कायम रहे एवं भारत के आदिवासियों के स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति बुनियादी जागरूकता आदि का प्रचार-प्रसार किया जा सके।’

‘पूर्व में दिनांक 28 नवंबर 2020 को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 3 करोड़ से अधिक आदिवासियों की भावनाओं अनुरूप शासकीय अवकाश घोषित किया गया था। परंतु 26 जनवरी 2021 को शासकीय अवकाश बंद किया तथा विरोधाभास उपरांत कुछ चुनिंदा आदिवासी जिला में स्वैच्छिक कर दिया गया था हाल की बात की जाए तो 9 अगस्त को कोई भी अवकाश नहीं है। मध्यप्रदेश में आदिवासियों द्वारा 9 अगस्त 2024 को सामाजिक, संस्कृति, भाषा, कला, विरासती धरोहर, अमूल्य अलिखित इतिहास तथा संवैधानिक अधिकारों आदि की सामूहिक समीक्षात्मक चिंतन किया जा सके। इस खास मौके पर दुनिया के सबसे पुराने बाशिंदे आदिम समुह के आदिवासी एक साथ उपस्थित होकर हर्षोल्लास के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर सके।’

‘जयस के माध्यम से हम मांग करते है की मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य 89 ब्लाक तथा अन्य चयनित आदिवासी क्षेत्रों के लिए 10-10 लाख रुपए की राशि आवंटित की जाए ताकि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का शासकीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर आयोजन किए जाएं। अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन हैं कि मध्यप्रदेश के 3 करोड़ से अधिक दुनियां के सबसे पुराने बाशिंदे और विश्वकल्याणकारी प्रकृति रक्षक आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुई अविलंब सार्वजानिक अवकाश व 89 आदिवासी ब्लॉक को 10-10 लाख की राशि घोषित करने की कृपा करे।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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