जीतू पटवारी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, MP में कृषि तंत्र की बदहाली का आरोप, रिक्त पदों पर भर्ती और राष्ट्रीय रणनीति बनाने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा है कि मध्यप्रदेश में कृषि विभाग समेत मत्स्य पालन, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता और खाद्य विभाग में भी बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं जिससे कृषि तंत्र कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही मौसम, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं..ऐसे में सरकारी अमले की कमी उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है।
Jitu Patwari

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मध्यप्रदेश में कृषि तंत्र और किसानों की स्थिति  को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि ‘मध्यप्रदेश को देश का कृषि प्रधान राज्य कहा जाता है, लेकिन आज इस राज्य की कृषि व्यवस्था स्वयं ही सरकारी उदासीनता के बोझ तले दम तोड़ रही है। प्रदेश की मोहन सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है, किंतु सरकारी तंत्र की वास्तविक स्थिति इस घोषणा को एक कड़वा मज़ाक बना रही है।’

कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में कृषि से जुड़े विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक है और कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जैसे पदों में भी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने से किसानों तक योजनाओं और तकनीकी सलाह पहुंचाने में बाधा आ रही है।

जीतू पटवारी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

जीतू पटवारी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में उल्लेख किया गया है कि कृषि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से 8,468 पद खाली हैं, यानी लगभग 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सिर्फ कृषि विभाग तक सीमित नहीं है, कृषि से सीधे जुड़े लगभग सभी सहयोगी विभागों में भी “ऐतिहासिक रिक्तता” मौजूद है। मत्स्य पालन विभाग में 1,290 पदों में से 722 पद खाली हैं। उद्यानिकी विभाग की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 3,079 पदों में से 1,459 पद रिक्त (लगभग 47%) हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 पदों में से 1,797 पद (22%) खाली हैं। सहकारिता विभाग में भी लगभग 35% पद रिक्त हैं। खाद्य तंत्र की स्थिति भी उतनी ही चिंताजनक है। खाद्य संचालनालय में 109 पदों के विरुद्ध सिर्फ 48 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिलों के कार्यालयों में 598 पदों के मुकाबले मात्र 245 कर्मचारी हैं। खाद्य आयोग में 61 पदों में से 48 पद रिक्त हैं।

प्रधानमंत्री से की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में यह भी कहा है कि प्रदेश का किसान पहले से ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और बाजार की अस्थिरता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में सरकारी तंत्र में खाली पदों के कारण स्थिति और कठिन हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि केंद्र सरकार की निगरानी में मध्यप्रदेश के कृषि और उससे जुड़े विभागों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा कराई जाए और भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू कराने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएं। जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री से कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वन के लिए मैदानी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने की मांग भी की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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