Women’s Day पर आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं को सरकार का तोहफा

Women’s Day पर आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं को सरकार का तोहफा

भोपाल।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी है। सीएम कमलनाथ ने मुख्यमंत्री कल्याण योजना बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए उन्होंने कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट और महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी को खास निर्देश दिए है।

इसकी जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता सैय्यद जफर ने ट्वीटर के माध्यम से दी है।इस योजना से प्रदेश की 2.50 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा।खास बात ये है कि सरकार ने ऐसे समय में ये ऐलान किया है जब प्रदेश में सियासी उठापटक जारी है। बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हुए है। निकाय चुनाव और राज्यसभा चुनाव से पहले ये सरकार का ब़़ड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री का महिलाओं के नाम संदेश
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश की मातृशक्ति को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को गरिमापूर्ण तरीके से अपने अधिकारों का उपयोग करने के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करना सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा से सिद्ध कर दिया है कि वे हर प्रकार की चुनौतियों का सामना कर सकती हैं। उन्होंने प्रदेश के विकास में योगदान दे रही सभी महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना आगे बढ़ना मुश्किल है। वे समाज का आधार स्तंभ है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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