
भोपाल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamalnath) ने शिवराज सिंह चौहान (shivraj) को एक पत्र लिखकर मंदिर के पुजारियों (priests) को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पत्र (letter) में उन्होने लिखा है कि प्रदेश में ऐसे हजारों मंदिर व मठ हैं जो किसी संस्था या ट्रस्ट द्वारा संचालित होते हैं। इनके पुजारियों का जीवन यहां आने वाले श्रद्धालुओं की दान दक्षिणा से ही चलता है। लेकिन लॉकडाउन में सारे धर्मस्थल बंद है और ऐसे में इन पुजारियों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा है गया है। इसीलिये कमलनाथ ने सीएम शिवराज से अगले तीन महीने तक प्रत्येक छोटे बड़े मठ में पूजा हेतु पांच हजार रूपये मासिक तथा पुजारियों को साढ़े सात हजार मासिक रूपये दिए जाने क मांग की है।

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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

